:- अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा अधिकतम 6,908 रुपये का तदर्थ बोनस, समूह ‘ग’, ‘घ’ और पात्र समूह ‘ख’ के कार्मिकों को लाभ
:- दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी किया शामिल, निर्धारित सेवा अवधि और कार्यदिवस की शर्तें पूरी करने वालों को मिलेगा बोनस
देहरादून। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस मिलेगा। इस निर्णय का लाभ समूह ‘ग’, ‘घ’ और पात्र समूह ‘ख’ के कर्मचारियों के साथ ही कार्यप्रभारित एवं निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी मिलेगा।
वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों तथा समूह ‘ख’ के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा, जिनका ग्रेड वेतन 4,800 रुपये तक है। यह सीमा पुनरीक्षित वेतनमान 47,600-1,51,100 रुपये (लेवल-8) के अनुरूप निर्धारित है। हालांकि, ऐसे कर्मचारी जो उत्पादकता से जुड़े किसी अन्य बोनस योजना के दायरे में आते हैं, इस व्यवस्था के पात्र नहीं होंगे।
शासनादेश के तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर बोनस दिया जाएगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने तदर्थ बोनस के दायरे में कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया है। छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन तथा पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी बोनस मिलेगा। इनके लिए गणना की मासिक परिलब्धियों की सीमा 1,200 रुपये तय की गई है। इस आधार पर उन्हें अधिकतम लगभग 1,184 रुपये का बोनस दिया जाएगा।
31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी
बोनस का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत थे और इस तिथि तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके थे। छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस दिया जाएगा। ऐसे निकायों एवं विकास प्राधिकरणों में बोनस का भुगतान उनके अपने संसाधनों से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। राज्य सरकार कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है तथा उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है। ऐसे अवसर पर कार्मिकों को बोनस दिए जाने से उनके और उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। सरकार आगे भी कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी।