:- रायवाला में 65 वर्षीय खजानी देवी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, करीब 700 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस
देहरादून। रायवाला के मोतीचूर क्षेत्र में 65 वर्षीय खजानी देवी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक, मृतका की पुत्री शिल्पा थापा ने अपने प्रेमी शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने और जमीन बेचे जाने से नाराज शिल्पा ने अपनी मां को रास्ते से हटाकर संपत्ति में हिस्सा हासिल करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मामले में शिल्पा थापा और उसके प्रेमी शिवनारायण पाण्डे को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को संजय पुण्डीर पुत्र स्व. गोविन्द सिंह पुण्डीर, निवासी ग्राम काटल, पोस्ट भोगपुर, थाना रानीपोखरी, देहरादून ने रायवाला थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 65 वर्षीय मां खजानी देवी पत्नी स्व. गोविन्द सिंह पुण्डीर शहीद भगत सिंह कालोनी, लाइनपार मोतीचूर रायवाला में अपनी छह वर्षीय पोती के साथ किराये के मकान में रहती थीं। 21 सितंबर को वह दिन से लापता थीं और मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। रात करीब 10:30 बजे गेट का ताला तोड़कर अंदर देखा गया तो खजानी देवी बाथरूम में मृत मिलीं। तहरीर के आधार पर थाना रायवाला में मुकदमा अपराध संख्या 158/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
छह पुलिस टीमों ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली रायवाला में छह अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। एफएसएल और फील्ड यूनिट की मदद से घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास आने-जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तथा सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतका खजानी देवी का अपनी पुत्री शिल्पा थापा के साथ पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद था। वहीं, घटना से पहले शिल्पा के परिचित और प्रेमी शिवनारायण पाण्डे के मृतका के घर के आसपास देखे जाने की जानकारी भी सामने आई।
फोन बंद कर गायब हुआ था शिवनारायण
पुलिस के अनुसार, शिवनारायण पाण्डे के बारे में जानकारी जुटाने पर उसका पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहना और शिल्पा थापा से लगातार संपर्क में होना सामने आया। घटना के बाद उसका फोन बंद हो गया था।
पुलिस टीमों ने शिवनारायण की तलाश में रायवाला, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 होटल व धर्मशालाओं के साथ बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों समेत लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को शिवनारायण पाण्डे को हरिद्वार स्थित शांति कुंज आश्रम से गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में शिवनारायण ने शिल्पा के कहने पर खजानी देवी की हत्या करने की बात स्वीकार की। उसकी पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 26 सितंबर को शिल्पा थापा को शहीद भगत सिंह कालोनी, लाइनपार मोतीचूर से गिरफ्तार कर लिया।
मां को सौतेली बताकर प्रेमी को किया था गुमराह
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि शिवनारायण पाण्डे की मुलाकात शिल्पा थापा से मार्च 2026 में भूपतवाला, हरिद्वार स्थित एक होटल में हुई थी, जहां दोनों काम करते थे। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। शिवनारायण की अपनी पत्नी से तलाक की कार्यवाही चल रही थी।
शिल्पा ने शिवनारायण को बताया था कि उसकी मां के नाम ग्राम काटल गडूल, रानीपोखरी में कई बीघा जमीन है, जिसे उसकी मां और भाई संजय पुण्डीर लगातार बेच रहे हैं। शिल्पा का आरोप था कि पुश्तैनी जमीन में हिस्सा मांगने के बावजूद उसे जमीन या जमीन बेचने से मिलने वाली धनराशि में हिस्सा नहीं दिया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक शिल्पा ने शिवनारायण को यह भी बताया था कि खजानी देवी उसकी सौतेली मां है। बाद में उसने अपनी मां को रास्ते से हटाने और उसके हिस्से में आने वाली जमीन बेचकर शिवनारायण के साथ गृहस्थी बसाने का लालच दिया।
कर्ज में डूबा था आरोपी
पुलिस के अनुसार शिवनारायण पाण्डे की लॉकडाउन से पहले ढंढेरा फाटक, रुड़की में बैटरी रिक्शा की एजेंसी थी। लॉकडाउन में कारोबार को नुकसान होने के कारण वह करीब 50 लाख रुपये के कर्ज में आ गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने पूर्व में करोंदी, भगवानपुर स्थित अपना मकान भी बेच दिया था, लेकिन इसके बाद भी उस पर करीब 10 लाख रुपये की देनदारी बकाया थी।
पुलिस के मुताबिक शिल्पा के भाई से भी शिवनारायण ने कुछ पैसे उधार लिए थे। खजानी देवी को दोनों के संबंधों की जानकारी थी और वह इस रिश्ते से नाखुश थीं। पैसे वापस करने और दोनों के संबंधों को लेकर पहले भी विवाद हुआ था।
19 सितंबर को भी हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार घटना से पहले 19 सितंबर 2026 को शिवनारायण और शिल्पा खजानी देवी से मिलने उनके घर गए थे। वहां दोनों के संबंधों को लेकर खजानी देवी से उनका विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक इसके बाद शिल्पा द्वारा अपने संबंधों का वास्ता देकर तथा मां की मृत्यु के बाद जमीन में हिस्सा मिलने और उसे बेचकर गृहस्थी बसाने का लालच देने पर शिवनारायण हत्या के लिए तैयार हुआ।
शिल्पा ने उसे कथित तौर पर बताया था कि उसकी मां अपनी पोती को छोड़कर सुबह करीब 8 बजे तक घर लौट आती है और उसके बाद दोपहर 12:30 बजे तक घर पर अकेली रहती है। इसी दौरान हत्या की योजना बनाई गई।
घर में घुसकर गला दबाकर हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक योजना के तहत 21 सितंबर 2026 को शिवनारायण खजानी देवी के घर पहुंचा। मौका पाकर उसने खजानी देवी का गला दबाकर हत्या कर दी और मकान के गेट पर बाहर से ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद उसने शिल्पा को इसकी जानकारी दी और शिल्पा के कहने पर हरिद्वार के शांति कुंज में छिप गया। पुलिस के अनुसार घटना के बाद शिल्पा किसी न किसी माध्यम से उसे पुलिस कार्रवाई की जानकारी देती रही।
गिरफ्तार आरोपी
1. शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू, पुत्र नरसिंह नारायण पाण्डे, निवासी सम्राट कालोनी, ग्राम करोंदी, थाना भगवानपुर, जनपद हरिद्वार, उम्र 39 वर्ष।