11 साल की बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन जेल


देहरादून : उत्तरकाशी के जिला एवं विशेष सत्र न्यायधीश गुरुबख्श सिंह की कोर्ट ने 11 साल की बेटी से दुष्कर्म करने करने आरोपी  पिता को दोषी करार देते हुए आजीवन जेल की सजा सुनाई गई। अभियुक्त पर 2.20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। जिसमें दो लाख रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।  विशेष लोक अभियोजक पूनम सिंह के अनुसार, उत्तरकाशी से अभियुक्त अपनी 11 वर्षीय बेटी को पेट दर्द की शिकायत को लेकर देहरादून के जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। चिकित्सकों ने जांच की तो नाबालिग बच्ची के पेट में बच्चा बताया गया। उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी। चिकित्सकों ने मामले की सूचना डालनवाला कोतवाली में दी। पुलिस के हस्तक्षेप पर पिता ने तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। बच्चे को जन्म देने के बाद पीड़िता से पुलिस ने पूछताछ की, परंतु पीड़िता ने आरोपी का नाम नहीं बताया। विवेचना के लिए डालनवाला कोतवाली से पुरोला थाने में मुकदमा हस्तांतरित किया गया।  पुरोला थाना पुलिस ने पीड़िता को विश्वास में लेकर पूछताछ की तो तब पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। कोरोना काल से पहले जब वह पुणे महाराष्ट्र में अपने माता-पिता के साथ रहती थी, तो वहां भी उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। तब उसकी उम्र आठ वर्ष थी। कोरोना के दौरान वह परिवार के साथ गांव आई। पिता ने दोनो भाई-बहन की पढ़ाई के लिए पुरोला में कमरा लिया। मां को गांव में ही रखा, परंतु पुरोला में पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को न बताने की बात कही। बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने 15 फरवरी 2023 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही डीएनए जांच कराई। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आठ अप्रैल 2023 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। विशेष लोक अभियोजक पूनम सिंह ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से डीएनए रिपोर्ट और 12 गवाह व अन्य साक्ष्य पेश किए गए। शुक्रवार को जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश गुरुबख्श सिंह की अदालत में आरोप सिद्ध होने पर दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

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