लखवाड़ परियोजना को 2031 तक पूरा करने के लिए यूजेवीएनएल मिशन मोड में

:- एमडी अजय कुमार सिंह ने पांच घंटे की मैराथन बैठक में की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को माइक्रो-लेवल कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
देहरादून। राष्ट्रीय महत्व की 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने के लक्ष्य के साथ यूजेवीएनएल ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब पांच घंटे तक चली मैराथन समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करते हुए समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन द्वारा परियोजना की पूर्णता की समय-सीमा वर्ष 2034 से घटाकर वर्ष 2031 किए जाने के बाद निर्माण कार्यों की प्रगति और निर्धारित समय में लक्ष्य हासिल करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। एमडी ने कार्यदायी संस्था के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए यूजेवीएनएल की विस्तृत माइक्रो-लेवल कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना की प्रत्येक गतिविधि तय समयसीमा के भीतर पूरी की जा सके।

उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित निर्णय, तकनीकी समन्वय और उत्तरदायित्व आधारित कार्य संस्कृति के माध्यम से लखवाड़ परियोजना को निर्धारित समय से पहले पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाए।

बांध से भूमिगत विद्युतगृह तक कार्यों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में बांध निर्माण, डाइवर्जन कार्य, सुरंगों, भूमिगत विद्युतगृह, कंक्रीटिंग, हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों सहित परियोजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण निर्माण गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों के दौरान सामने आ रही तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह

प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि लखवाड़ परियोजना केवल एक जलविद्युत परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तराखण्ड की ऊर्जा सुरक्षा, सिंचाई, पेयजल उपलब्धता और समग्र आर्थिक विकास से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं से परियोजना को व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर गुणवत्ता, पारदर्शिता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने उत्कृष्ट कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि परियोजना कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

बैठक में निदेशक परियोजनाएं एससी बलूनी, निदेशक परिचालन जीएस बुदियाल, अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल, महाप्रबंधक सुजीत कुमार सिंह, सुनील कुमार जोशी, उपमहाप्रबंधक आशीष यादव, शिवदास, मनमोहन बलोदी सहित परियोजना से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।

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