:- शिविर में 369 प्रयोगशाला जांच, 421 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 335 मरीजों ने फिजिशियन से लिया परामर्श
देहरादून। सेवा सप्ताह के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहसपुर में आयोजित तीन दिवसीय वृहद विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। 15 से 17 जुलाई 2026 तक चले इस शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने निःशुल्क विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, जांच और उपचार का लाभ उठाया। शिविर का शुभारंभ 15 जुलाई को सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने किया था।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ. प्रदीप राणा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहन सिंह मौजूद रहे। विधायक ने शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों से संबंधित निःशुल्क परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा प्रदान की गई। इसके साथ ही आयुष्मान भारत, एबीएचए, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), टीबी उन्मूलन, परिवार नियोजन और आरकेएसके समेत विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत भी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
तीन दिनों में कुल 947 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिसमें 423 पुरुष और 524 महिलाएं शामिल रहीं। एनसीडी विभाग में 208 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 41 एएनसी जांच और 421 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग हुई। आरकेएसके काउंसलर द्वारा 151 लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई। प्रयोगशाला में हीमोग्लोबिन, एलएफटी, केएफटी और लिपिड प्रोफाइल समेत कुल 369 जांचें की गईं।
विशेषज्ञ सेवाओं के तहत फिजिशियन विभाग में 335, सर्जरी विभाग में 268, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 181, नेत्र रोग विभाग में 45, अस्थि रोग विभाग में 44 और ईएनटी विभाग में 17 मरीजों को परामर्श दिया गया। एक्स-रे विभाग में कुल 127 जांचें की गईं, जिनमें 64 टीबी एक्स-रे और 63 अन्य एक्स-रे शामिल हैं। इसके अलावा 25 बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। शिविर में एक आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया।
शिविर में उपजिला चिकित्सालय विकासनगर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी सहयोग प्रदान किया। इनमें फिजिशियन डॉ. मुकेश सुंद्रियाल, सर्जन डॉ. ए.के. टम्टा और डॉ. मयंक, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा मेहरोत्रा, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विक्रम सयाना और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना कोठियाल शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके निकट ही बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।