मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई पर मुस्लिम सेवा संगठन ने जताई चिंता

नईम कुरैशी बोले—ध्वनि प्रदूषण के नियम लागू हों, लेकिन कार्रवाई सभी धार्मिक स्थलों और आयोजनों पर समान रूप से हो

देहरादून। उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की कार्रवाई पर मुस्लिम सेवा संगठन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि यदि प्रशासन कानून का पालन कराने के नाम पर केवल एक समुदाय के धार्मिक स्थलों को ही निशाना बनाएगा, तो इससे कानून के निष्पक्ष क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होंगे।

नईम कुरैशी ने कहा कि मुस्लिम सेवा संगठन संविधान, न्यायपालिका और कानून के शासन में पूर्ण विश्वास रखता है, लेकिन किसी भी प्रकार की चयनात्मक, पक्षपातपूर्ण और असमान कार्रवाई का लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध करेगा।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय तथा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का मूल उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है। इन निर्देशों का उद्देश्य किसी विशेष धर्म के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाना नहीं, बल्कि ध्वनि सीमा और समय-सीमा का पालन कराना है। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उसका स्वरूप निष्पक्ष और समान होना आवश्यक है।

नईम कुरैशी ने कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर है, तो प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों, सामाजिक आयोजनों, राजनीतिक कार्यक्रमों, विवाह समारोहों तथा अन्य सार्वजनिक आयोजनों में भी समान रूप से नियम लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून की गरिमा तभी बनी रह सकती है, जब उसका अनुपालन बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक संस्था पर समान रूप से किया जाए।

उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। शासन और प्रशासन का दायित्व है कि वह संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करे तथा ऐसा कोई कदम न उठाए, जिससे किसी भी समुदाय में यह भावना उत्पन्न हो कि उसके साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है। सामाजिक सौहार्द, आपसी विश्वास और भाईचारे को बनाए रखना सरकार और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।

नईम कुरैशी ने बताया कि मुस्लिम सेवा संगठन शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को एक विस्तृत ज्ञापन देगा। ज्ञापन के माध्यम से वर्तमान कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कराने, सभी संबंधित अधिकारियों को कानून का पालन बिना किसी भेदभाव के कराने के स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा किसी भी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का हनन न होने देने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम सेवा संगठन किसी प्रकार के टकराव या विवाद की राजनीति में विश्वास नहीं रखता। संगठन का उद्देश्य संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा, कानून के समान अनुपालन और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई पूर्णतः पारदर्शी, न्यायसंगत और विधि सम्मत होनी चाहिए।

प्रदेश सरकार से अपील करते हुए नईम कुरैशी ने कहा कि इस विषय को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देखते हुए सभी पक्षों से संवाद स्थापित किया जाए तथा ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे कानून का सम्मान भी बना रहे और सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहें।

इस अवसर पर मेहताब कुरैशी, कमर खान, रमीज राजा, मौलाना हासिम, उमर, ईशान पठान आदि शामिल रहे।

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