:- श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् के 52वें सत्र में बाल सेवकों को जिलाधिकारी ने किया प्रेरणादायी संबोधन, मोबाइल के सीमित उपयोग और नियमित अध्ययन पर दिया जोर
उत्तरकाशी। भूत भावन बाबा काशी विश्वनाथ जी की प्रेरणा एवं महंत अजय पुरी जी के मार्गदर्शन में संचालित श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् के 52वें सत्र में उत्तरकाशी के जिलाधिकारी श्री प्रशांत कुमार आर्य ने बाल सेवकों को प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, सेवा और लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी श्री प्रशांत कुमार आर्य ने जून 2025 में उत्तरकाशी जिले के 25वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। इसके पूर्व वे उत्तरकाशी में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कुशल प्रशासन में जिले में अनेक विकास कार्य संभव हुए हैं। गत वर्ष धराली आपदा के दौरान राहत, बचाव एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
गुरुकुलम् के सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में अनुशासन, सेवा और लक्ष्य को सबसे महत्वपूर्ण स्थान देना चाहिए। उन्होंने मोबाइल फोन का सीमित और आवश्यकतानुसार उपयोग करने की सलाह देते हुए विद्यार्थियों को अपना अधिक से अधिक समय पढ़ाई और ज्ञान अर्जित करने में लगाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अभी से नियमित अध्ययन की आदत विकसित कर लें तो परीक्षा के समय उन्हें पूरी रात जागकर पढ़ाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मनुष्य की सभी भौतिक वस्तुएं चोरी या छीनी जा सकती हैं, लेकिन उसकी बुद्धि और ज्ञान को उससे कोई अलग नहीं कर सकता। इसलिए बुद्धि मनुष्य की सर्वोच्च और अमूल्य धरोहर है।
सत्र के समापन के पश्चात महंत अजय पुरी जी ने जिलाधिकारी श्री प्रशांत कुमार आर्य का अपना बहुमूल्य समय देकर बाल सेवकों को प्रेरित करने के लिए आभार व्यक्त किया।
गुरुकुलम् के 52वें सत्र में समन्वयक अरुनव नौटियाल, श्री रमेश चौहान, श्री राकेश चौहान, श्री मोहन डबराल, वंश, अर्चना रतूड़ी, वंशिका, खुशी, सूर्यांश राणा, दिव्यांशी कुड़ियाल, साक्षी, सक्षम, सौरव, अभिज्ञान, आराध्या, अर्पित, आदित्य, मंदीप, समीर, अंकित ममगाईं एवं समस्त बाल सेवक उपस्थित रहे।