:- डीएम नितिका खण्डेलवाल ने समयबद्ध तैयारियों के दिए निर्देश, एसएसपी श्वेता चौबे बोलीं—सुरक्षा और कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
नई टिहरी, 20 जुलाई 2026। आगामी 30 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए टिहरी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि कांवड़ मेले में हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। ऐसे में सभी विभाग अपनी तैयारियां समय से पूरी करें। उन्होंने चंद्रभागा एवं खारास्रोत पार्किंग स्थलों पर विद्युत, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी और सफाई सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्किंग की रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा पार्किंग पर्ची पर पार्किंग स्थल का नाम और संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से अंकित करने के निर्देश दिए। मुनिकीरेती-तपोवन क्षेत्र की पार्किंग पर अनावश्यक दबाव न पड़े, इसके लिए देहरादून पुलिस से समन्वय स्थापित कर आईडीपीएल सहित अन्य वैकल्पिक पार्किंग स्थलों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
राम झूला बंद किए जाने के मद्देनजर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी को दोनों जनपदों के व्यापार मंडल प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए। साथ ही जानकी सेतु एवं बजरंग सेतु पर वन-वे व्यवस्था के लिए समय से व्यू-कटर लगाने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा।
कांवड़ क्षेत्र में विद्युत पोल, स्ट्रीट लाइट पोल और अन्य संरचनाओं की सुरक्षा जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों एवं टावरों की बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया। सिंचाई विभाग को घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने और पूर्व में स्थापित सुरक्षा उपकरणों की जांच करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को मार्गों पर बाधा बनने वाले पेड़ों की लॉपिंग एवं चॉपिंग समय से कराने तथा नीर वाटर फॉल को बंद करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग एवं जिला पूर्ति अधिकारी को कांवड़ मेले के दौरान होटल, ढाबों और रेस्टोरेंटों का नियमित निरीक्षण करने तथा रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को रात्रिकालीन विशेष सफाई अभियान चलाने और अग्निशमन विभाग को सभी अग्निशमन उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील रखने को कहा गया। देवप्रयाग संगम एवं कीर्तिनगर के नदी क्षेत्र में भी सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, लगातार गश्त, सीसीटीवी निगरानी और प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
एसएसपी ने सभी पार्किंग स्थलों, घाटों और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की तैनाती, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए क्यूआरटी की सक्रियता तथा कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन एवं सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को भी कहा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले की अवधि में पुलिस कंट्रोल रूम में विद्युत, पूर्ति, नगर पालिका, नगर पंचायत, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों का एक-एक कार्मिक तैनात रहेगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों की सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जा सकें और समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष चन्द्र घिल्डियाल, उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर, सीओ नरेंद्रनगर सुरेन्द्र सिंह भण्डारी तथा अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।