देहरादून महायोजना-2041 पर जनता की राय शुरू, पहले दिन 18 सुझाव-आपत्तियां दर्ज

एमडीडीए की 16 दिवसीय जनसुनवाई का आगाज, नागरिकों की भागीदारी से तैयार होगा राजधानी के विकास का रोडमैप

देहरादून, 6 जुलाई। राजधानी देहरादून के भविष्य की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में सोमवार से जनभागीदारी का दौर शुरू हो गया। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से सेक्टर-1 के लिए अजबपुर खुर्द स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में आयोजित पहली जनसुनवाई में 18 लोगों ने महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

जनसुनवाई में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण कर उनका अभिलेखीकरण किया तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

शहर के विकास का दीर्घकालिक खाका

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महायोजना-2041 केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य की रूपरेखा है। इसमें बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव, अनियोजित निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत क्षेत्रों, हरित पट्टियों, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और शहरी सुविधाओं के विकास के व्यापक प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी महायोजना की सफलता स्थानीय नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से आम नागरिकों, भू-स्वामियों, विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों को अपनी राय रखने का अवसर दिया जा रहा है।

21 जुलाई तक 12 सेक्टरों में होगी जनसुनवाई

एमडीडीए के अनुसार 6 से 21 जुलाई तक शहर के 12 सेक्टरों में अलग-अलग स्थानों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। प्रत्येक शिविर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस दौरान नागरिक सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे। सभी सुझावों का तकनीकी और विधिक परीक्षण कर आवश्यकता पड़ने पर महायोजना में संशोधन भी किया जाएगा।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर

महायोजना-2041 में हरित क्षेत्रों के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, सुनियोजित निर्माण और आधुनिक यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। एमडीडीए का मानना है कि जनसुनवाई से प्राप्त सुझाव योजना को अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनाने में मदद करेंगे।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि पूरी जनसुनवाई प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से इसमें भाग लेकर राजधानी के भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

: प्रमुख बातें

6 जुलाई से देहरादून महायोजना-2041 पर जनसुनवाई शुरू।

पहले दिन 18 लोगों ने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।

6 से 21 जुलाई तक शहर के 12 सेक्टरों में जनसुनवाई।

सभी सुझावों का तकनीकी और विधिक परीक्षण होगा।

जरूरत पड़ने पर महायोजना में संशोधन भी किया जाएगा।

विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर विशेष जोर।

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