चीन के शंघाई से बगोड़ी तक सफलता की गूंज, कुलदेवी के दरबार पहुंचीं सानिया जोशी

:- ढोल की थाप और फूलमालाओं से ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत, शॉल ओढ़ाकर किया सम्मान

:- सानिया ने ग्रामीणों से साझा किए अपनी सफलता के अनुभव

:- वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता शंघाई 2026 में रिटेल सेल्स श्रेणी में भारत को दिलाया रजत पदक

टिहरी गढ़वाल। चीन के शंघाई में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 में रजत पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाली सानिया जोशी के पैतृक गांव बगोड़ी (टिहरी गढ़वाल) पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बाद अपनी जड़ों से जुड़ाव का परिचय देते हुए सानिया ने सबसे पहले गांव में अपनी कुलदेवी मां बालाभैरवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर अपनी उपलब्धि और प्रतियोगिता से जुड़े अनुभव साझा किए।

सानिया के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। परंपरागत ढोल की थाप और फूलमालाओं के साथ उनका स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए बधाई दी। इस अवसर पर ग्रामीणों ने सानिया की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें समय-समय पर अपने पैतृक गांव बगोड़ी आते रहने का आह्वान भी किया।

कुलदेवी के दर्शन कर अपनी जड़ों से जुड़ाव का दिया संदेश :-

विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद पैतृक गांव पहुंचकर कुलदेवी मां बाला भैरवी का आशीर्वाद लेना सानिया के लिए विशेष अवसर रहा। इस दौरान उनके साथ उनके माता-पिता और बुआ विमला जोशी नौटियाल भी मौजूद रहीं। गांव में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान सानिया ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी तथा सफलता से जुड़े अनुभव साझा किए।

ग्रामीणों ने कहा कि सानिया की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि पहाड़ की प्रतिभाएं भी अपनी मेहनत, लगन और कौशल के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहरा सकती हैं।

रिटेल सेल्स में भारत को दिलाया पहला रजत पदक :-

सानिया जोशी ने चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में रिटेल सेल्स श्रेणी में रजत पदक हासिल किया। इस श्रेणी को प्रतियोगिता में पहली बार शामिल किया गया था। भारत ने भी इस श्रेणी में पहली बार भागीदारी की और सानिया ने अपने पहले ही प्रयास में पदक जीतकर इतिहास रच दिया। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में सानिया ने 720 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया।

सानिया ने निफ्ट पंचकूला (NIFT Panchkula) से फैशन टेक्नोलॉजी की शिक्षा प्राप्त की है। वह रिटेल सेल्स के क्षेत्र में कार्यरत भी हैं। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसी उपलब्धि के आधार पर उन्हें वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।

प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 6 रजत पदक और 20 मेडलियन फॉर एक्सीलेंस हासिल किए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत वैश्विक रैंकिंग में 10वें स्थान पर रहा। यह वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

माता-पिता और ग्रामीणों के लिए गौरव का क्षण :-

सानिया के पिता बद्री जोशी व्यवसायी एवं समाजसेवी हैं, जबकि उनकी माता शिक्षिका हैं। वर्तमान में उनका परिवार उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में रहता है। बेटी की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि और पैतृक गांव में मिले आत्मीय सम्मान से परिवार में खुशी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने सानिया की सफलता को क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी विशंभर दत्त जोशी, लाखीराम उनियाल, दिनेश प्रसाद, राकेश जोशी, बनिता देवी, उर्मिला देवी, पूनम देवी, आशा देवी, कुलानन्द, वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश जोशी, राधे, धर्मानंद जोशी, प्रशांत, शशि जोशी, विकास, अमित जोशी, पूरण दास सहित समस्त ग्रामीण परिवार उपस्थित रहे। सभी ने सानिया का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 41;
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 41;
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 41;
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 40;
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 40;

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *