:- डीडीआरसी और नारी निकेतन के लिए अलग-अलग ईवी वाहन रवाना, जरूरतमंदों को मिलेगा सुरक्षित और सम्मानजनक आवागमन
देहरादून, 23 मई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने दिव्यांगजनों, वृद्धजनों तथा बेसहारा महिलाओं और बच्चों की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर संवेदनशील पहल करते हुए जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) और केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन के लिए निःशुल्क ईवी वाहन सेवा का शुभारंभ किया। शनिवार को डीएम ने दोनों वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर डीएम सविन बंसल ने कहा कि दिव्यांग और वृद्धजनों का जीवन आसान बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया गया था, जहां फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र और कृत्रिम अंग वितरण जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि डीडीआरसी से जुड़े दिव्यांग एवं वृद्धजनों को उपचार और अन्य कार्यों के लिए राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांग संस्थान, समाज कल्याण विभाग और विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचने में परिवहन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
डीएम ने बताया कि केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह और शिशु सदन में 180 से अधिक महिलाएं, बालिकाएं और बच्चे निवासरत हैं। इनमें बेसहारा, परित्यक्त, शोषित और विशेष देखभाल की जरूरत वाले लोग शामिल हैं। नई ईवी वाहन सेवा से अब उन्हें अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक सुरक्षित एवं सम्मानजनक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। ईवी वाहनों के संचालन से प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा और जरूरतमंद वर्ग को सुरक्षित आवागमन की सुविधा सुनिश्चित होगी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट और जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।