“कोई भी बेटी आर्थिक अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे” : डीएम सविन बंसल

:- डीएम ने 39 बालिकाओं को “नंदा-सुनंदा” योजना के तहत 12.98 लाख की सहायता प्रदान की, अब तक 175 बेटियों की पढ़ाई को मिला नया जीवन

देहरादून, 23 मई। जिला प्रशासन देहरादून की महत्वाकांक्षी योजना “नंदा-सुनंदा” के तहत शुक्रवार को 39 जरूरतमंद बालिकाओं को 12.98 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान डीएम सविन बंसल ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली बेटी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि “नंदा-सुनंदा” केवल आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का अभियान है।
उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बालिकाएं इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर अपने जीवन में सफलता हासिल करें और आगे चलकर समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
कार्यक्रम में कई भावुक पल भी आए, जब बालिकाओं और उनकी माताओं ने अपने संघर्ष साझा किए। किसी के पिता का निधन हो चुका था तो किसी की मां सिलाई या आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के रूप में परिवार चला रही हैं। आर्थिक संकट के कारण उनकी पढ़ाई रुकने की स्थिति में पहुंच गई थी।
एमएससी की छात्रा अंशिका शर्मा, बीसीए की छात्रा मदीहा बेग, बीएससी नर्सिंग की छात्रा आंचल पुण्डीर, बीएससी ओटीटी की छात्रा हर्षिता, बीए-बीएड की छात्रा अमृता शर्मा और बीएससी की छात्रा तनिष्का मेहर ने जिला प्रशासन की सहायता को अपनी शिक्षा के लिए नई उम्मीद बताया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बच्चों को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई करनी चाहिए ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें।
“नंदा-सुनंदा” योजना के 15वें संस्करण तक जिला प्रशासन 175 बालिकाओं को करीब 57 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा चुका है। योजना के तहत प्राइमरी से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन, एमबीबीएस, पीएचडी और प्रोफेशनल कोर्स की छात्राओं को सहायता दी जा रही है।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सीडीपीओ, अन्य अधिकारी, बालिकाएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
हाईलाइटर :

:- 39 बालिकाओं को मिली 12.98 लाख रुपये की सहायता

:- अब तक 175 बेटियों की शिक्षा को मिला सहारा

:- आर्थिक संकट से जूझ रहीं छात्राओं की पढ़ाई फिर हुई शुरू

:- प्राइमरी से पीएचडी और प्रोफेशनल कोर्स तक मिल रही मदद

:- संघर्षगाथाएं सुन भावुक हुआ ऋषिपर्णा सभागार

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