:- गूगल मीट में 200 से अधिक संविदा कर्मियों ने उठाई आवाज, कमेटी की रिपोर्ट और वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग
उत्तराखंड। प्रदेश के विभिन्न विभागों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से 200 से अधिक संविदा कर्मचारी जुड़े और नियमितीकरण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि कई संविदा कर्मी 16 से 17 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कर्मचारियों के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में घोषणा की गई थी। इसके बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी कि वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान होगा, लेकिन अब तक नियमितीकरण के लिए स्पष्ट कट-ऑफ डेट निर्धारित नहीं हो पाई है।
कमेटी के गठन के बाद भी कट-ऑफ डेट का इंतजार
बैठक में नियमितीकरण की कट-ऑफ डेट तय करने के लिए सरकार द्वारा कमेटी गठित किए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों का कहना था कि कमेटी के गठन के बाद उन्हें जल्द निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय के बाद भी कट-ऑफ डेट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि सरकार द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट और उसकी संस्तुतियों की वर्तमान स्थिति क्या है। कर्मचारियों ने मांग की कि यदि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट या संस्तुतियां प्रस्तुत कर दी हैं तो उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए। वहीं, यदि प्रक्रिया अभी लंबित है तो इसके कारण और आगे की समयसीमा भी बताई जाए।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े अमित मनवाल, त्रिलोक रावत, सतीश चंद्र एवं विवेक त्यागी ने अपने विचार रखे और लंबे समय से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं को सामने रखा।
बैठक में ग्रामीण निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विभिन्न पॉलिटेक्निक संस्थान, मेडिकल कॉलेज, ब्रिडकुल, लघु सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों एवं संस्थानों के संविदा कर्मचारी शामिल हुए। ब्रिडकुल से प्रमोद पाण्डेय, नीरज कुमार तथा समाज कल्याण विभाग से दिनेश पंत, भास्कर आदि ने भी सहभागिता की। ग्रामीण निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भी बैठक में अपनी बात रखी।
सरकार से प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने नियमितीकरण को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें नियमितीकरण के लिए स्पष्ट एवं न्यायसंगत कट-ऑफ डेट शीघ्र निर्धारित करना, कट-ऑफ डेट तय करने के लिए गठित कमेटी की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करना और कमेटी की रिपोर्ट या संस्तुतियां प्रस्तुत हो चुकी हों तो उनकी स्थिति सार्वजनिक करना शामिल है।

इसके अलावा लंबे समय से लगातार सेवा दे रहे कर्मचारियों की वास्तविक सेवा अवधि को ध्यान में रखने, नियमितीकरण की पात्रता एवं प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट शासनादेश जारी करने, प्रक्रिया को समयबद्ध करने तथा कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने कहा कि वे सरकार से टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि वर्षों से विभागों में सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमितीकरण की प्रक्रिया और कट-ऑफ डेट पर स्पष्ट निर्णय चाहिए।
संविदा कर्मी संतोष गोस्वामी ने कहा, “कमेटी बनी थी कट-ऑफ डेट तय करने के लिए, अब कर्मचारी पूछ रहे हैं—उस कमेटी का क्या हुआ?”
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