देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए यज्ञ और गंगाजल छिड़काव को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने इस मामले में डालनवाला थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में श्री राम धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडेय सहित 15 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की गई है।
तहरीर के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से आयोजित जनसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए थे। आरोप है कि जनसभा के दो दिन बाद 10 अगस्त 2026 को गिरीश चंद्र पांडेय और 15 अन्य अज्ञात लोगों ने रामलीला मैदान में यज्ञ और गंगाजल का छिड़काव कर कथित रूप से शुद्धिकरण किया।
ज्योति रौतेला ने तहरीर में आरोप लगाया है कि रामलीला मैदान जैसे सार्वजनिक स्थान पर अनुसूचित जाति से आने वाले एक वरिष्ठ संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण की कार्रवाई किया जाना अनुसूचित जाति के लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाला कृत्य है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 17 की भावना के विपरीत बताते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई से समाज में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों के प्रति भेदभाव और वैमनस्य की भावना पैदा होने का प्रयास किया गया। रौतेला ने पुलिस से मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।
भाजपा नेताओं ने अलग पक्ष रखा
मामले में भाजपा की ओर से भी अलग पक्ष सामने आया है। तहरीर में उल्लेख किया गया है कि 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में विपक्ष के नेता द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना को लेकर कहा था कि यदि किसी संगठन ने वहां हवन या कोई अनुष्ठान किया है तो यह उसका निजी मामला है और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं, 26 अगस्त 2026 को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की ओर से कहा गया कि यदि सफाई या शुद्धिकरण किया गया है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। तहरीर में उनके इस बयान का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि इससे संबंधित कार्रवाई को उचित ठहराने का प्रयास किया गया।
फिलहाल पूरे मामले में महिला कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और भाजपा की ओर से सामने रखे गए पक्ष के बीच विवाद बना हुआ है। पुलिस की ओर से तहरीर पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।