देहरादून की सहस्त्रधारा रोड पर महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास का खुलासा, एक युवती गिरफ्तार, चार फरार

डेयरी कारोबार में लेन-देन के विवाद को लेकर महिला को डराने पहुंचे थे आरोपी, चार अन्य की तलाश में दबिशें जारी

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए एक युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, डेयरी कारोबार में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के चलते आरोपियों ने महिला को डराने की योजना बनाई थी। मामले में चार अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को सुषमा वर्मा पत्नी राहुल वर्मा, निवासी कानन कुंज, सहस्रधारा रोड ने थाना रायपुर में तहरीर दी थी कि सुबह करीब 6:50 बजे नाला पानी चौक के पास कुछ लोगों ने उन्हें जबरदस्ती कार में बैठाने का प्रयास किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और घटना में शामिल लोगों व वाहन के संबंध में जानकारी जुटाई। वादिनी और अन्य संदिग्धों से पूछताछ भी की गई।

पुलिस ने 26 सितंबर को सहस्रधारा रोड से घटना में शामिल बताई जा रही चाहत उर्फ अन्नू, निवासी गोविन्द विहार डांडा लखौंड, थाना रायपुर, उम्र 19 वर्ष, को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में उसके आधार पर चार अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं।

डेयरी के सौदे को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अन्नू ने बताया कि वह दीपक पासवान को करीब दो साल से जानती है। दोनों अपना कारोबार शुरू करना चाहते थे। इसके लिए उनकी सुषमा वर्मा से मुलाकात हुई और अठूरवाला भानियावाला स्थित 11 गाय वाली डेयरी को चलाने का सौदा 7.50 लाख रुपये में तय हुआ। इसके एवज में 5 लाख रुपये नकद और 2.50 लाख रुपये का चेक दिया गया।

आरोप है कि उन्हें बताया गया था कि गायों से प्रतिदिन करीब 150 लीटर दूध प्राप्त होता है। हालांकि, दूध की मात्रा कम निकलने पर उन्होंने सुषमा वर्मा से अपने 5 लाख रुपये वापस मांगे। पुलिस के अनुसार, उन्हें काम जारी रखने और शेष रकम में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया था।

इसी दौरान अन्नू की तबीयत खराब होने पर उसे ग्राफिक एरा में भर्ती कराया गया। पैसों की जरूरत पड़ने पर दूध की बिक्री से संबंधित 1.22 लाख रुपये मांगे गए। आरोप है कि सुषमा ने केवल 10 हजार रुपये दिए और शेष रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पैसों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।

कार किराये पर लेकर बनाई थी डराने की योजना

पुलिस के मुताबिक, पैसों को लेकर लगातार दबाव बढ़ने के बाद अन्नू और दीपक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुषमा को डराने की योजना बनाई। इसके लिए कारगी चौक के पास से काले रंग की स्विफ्ट कार किराये पर ली गई। कार लेने के लिए अन्नू ने अपनी स्कूटी गारंटी के तौर पर रखी थी।

घटना से पहले आरोपी अपने साथियों से मिलने रोशनाबाद हरिद्वार गए थे। वहां से आदित्य, लक्की और प्रियांशु के साथ देहरादून लौटे। 23 सितंबर की सुबह योजना के मुताबिक दीपक, आदित्य और लक्की स्विफ्ट कार से सुषमा को डराने के लिए सहस्रधारा पहुंचे। पुलिस के अनुसार, महिला के शोर मचाने और आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने पर पकड़े जाने के डर से आरोपी वहां से फरार हो गए।

इन आरोपियों की तलाश

पुलिस के मुताबिक मामले में दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, थाना सिडकुल, हरिद्वार; सुशांत उर्फ लक्की पुत्र अनिल कुमार, निवासी ग्राम डोब, तहसील देवप्रयाग, थाना हिंडोलाखाल, टिहरी गढ़वाल; आदित्य वशिष्ठ पुत्र अमित शर्मा, निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार तथा प्रियांशु पुत्र सुखपाल, निवासी नगला अहमद, थाना मंगलौर, हरिद्वार के नाम सामने आए हैं। पुलिस टीमें इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।

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