संस्कृत स्पर्धा में छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा, विजेता विद्यालय व प्रतिभागी सम्मानित

:- नाटक, समूहगान, समूहनृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण और श्लोकोच्चारण में विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

चम्बा (टिहरी गढ़वाल), 24 सितंबर। उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्, हरिद्वार के तत्वावधान में विकासखंड चम्बा में खण्डस्तरीय संस्कृत स्पर्धा 2026-27 के वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने संस्कृत नाटक, समूहगान, समूहनृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण और श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

संस्कृत नाटक में राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी ने प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज गजा ने द्वितीय और हिमालय पब्लिक स्कूल सनगांव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत समूहगान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चम्बा प्रथम, अटल उत्कृष्ट श्रीदेव सुमन राजकीय इंटर कॉलेज चम्बा द्वितीय और सेंट एंथनी पब्लिक स्कूल नई टिहरी तृतीय रहा।

संस्कृत समूहनृत्य में नरेन्द्र महिला विद्यालय भागीरथीपुरम् ने प्रथम, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चम्बा ने द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी ने तृतीय स्थान हासिल किया। संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज बागी मठियाण गांव की आकृति प्रथम, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा की स्नेहा द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी की रिषिका रमोला तृतीय रहीं।

संस्कृत आशुभाषण में राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी की वंशिका रावत ने प्रथम, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा की सुहानी ने द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज पांगरखाल के अक्षत उनियाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं श्लोकोच्चारण में नरेन्द्र महिला विद्यालय भागीरथीपुरम् की मानसी प्रथम, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चम्बा की अलका रावत द्वितीय और राजकीय संस्कृत महाविद्यालय चम्बा तृतीय स्थान पर रहा।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हर्षमणि बहुगुणा, प्रवक्ता विनीता बहुगुणा, गुरुप्रसाद रयाल, अनूप कुमार भट्ट, विजय चन्द्र बहुगुणा, संदीप भट्ट, रजनी बनियाल, तेजोमही बधानी, हार्दिक थपलियाल, तुलसी प्रसाद, रघुवीर सिंह नेगी, जगमोहन सिंह नेगी, सौरभ उनियाल तथा गीतमणि सिलस्वाल सहित शिक्षक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

उपस्थित लोगों ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि देववाणी संस्कृत के प्रचार-प्रसार के साथ युवा पीढ़ी में नैतिक एवं सांस्कृतिक चेतना विकसित करने में इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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