टिहरी के बगोड़ी गांव के विनय जोशी का आईआईटी मद्रास में चयन

:- एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करेंगे एमटेक, एयरबस में 12 वर्षों की सेवा के साथ जारी रखेंगे उच्च शिक्षा का सफर

ऋषिकेश। टिहरी गढ़वाल के बगोड़ी गांव के रहने वाले विनय जोशी का चयन देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक के लिए हुआ है। विनय वर्तमान में विश्व की प्रतिष्ठित विमानन एवं अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनी एयरबस में कार्यरत हैं और अब अपनी नौकरी जारी रखते हुए आईआईटी मद्रास से उच्च शिक्षा हासिल करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

विनय जोशी ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक की शिक्षा पूरी करने के बाद पिछले 12 वर्षों से एयरबस में सेवाएं देते हुए अपने करियर में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं। लंबे समय तक नौकरी करने के बाद दोबारा उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाना उनकी मेहनत, लगन और सीखने की निरंतर इच्छा को दर्शाता है।

विनय जोशी

विनय की इस उपलब्धि पर उनकी माता बीना जोशी, जो भाजपा की वरिष्ठ नेत्री हैं, ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बेटे की इस सफलता पर उन्हें बेहद गर्व है। उन्होंने कहा कि विनय ने बचपन से ही मेहनत और लगन को अपनी सफलता का आधार बनाया है। 12 वर्षों तक नौकरी करने के बाद दोबारा पढ़ाई शुरू करना और इसके साथ ही नौकरी तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना आसान नहीं था, लेकिन विनय ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इसे संभव कर दिखाया।

विनय की सफलता में उनकी पत्नी अभिश्री का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अभिश्री सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और प्रतिष्ठित कंपनी IBM ISL में कार्यरत हैं। परिवार का कहना है कि अभिश्री ने हर परिस्थिति में विनय का साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।

विनय के पिता विनोद जोशी एक निजी वित्तीय बैंक में कार्यरत रहे हैं और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार में विनय के अलावा उनके छोटे भाई विवेक जोशी भी हैं।

विनय जोशी मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के बगोड़ी गांव के रहने वाले हैं, जबकि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से ऋषिकेश में निवास कर रहा है। आईआईटी मद्रास जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक के लिए चयन विनय की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ उनके परिवार और क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है।

नौकरी के साथ उच्च शिक्षा का यह सफर युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है। विनय ने यह साबित किया है कि निरंतर सीखने की इच्छा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर जीवन के किसी भी पड़ाव पर नई उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

अपने परिवार के साथ विनय जोशी

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