: सामाजिक न्याय और जनकल्याण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर सरकार का जोर, चार सूत्रीय रणनीति से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान
देहरादून, 4 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को मई 2026 माह की पेंशन राशि वन क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। इस दौरान राज्य के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान तथा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। वहीं मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन निशुल्क गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने व्यापक प्रचार-प्रसार, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की चार सूत्रीय रणनीति पर बल दिया। उन्होंने आयोगों, परिषदों और समितियों के पदाधिकारियों से जिलों एवं दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी निगरानी करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र सहित विभिन्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।