:- राज्य सरकार की अनुमति के बाद दर्ज हुआ मुकदमा, लखनऊ, दिल्ली, हरिद्वार समेत छह शहरों में 8 टीमों ने की तलाशी; महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में
देहरादून। हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाला प्रकरण में कथित रूप से लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को व्यापक सर्च अभियान चलाया। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर राज्य सरकार की अनुमति से थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में अभियोग पंजीकृत किए जाने के उपरांत यह कार्रवाई की गई।
सतर्कता अधिष्ठान द्वारा घोटाले में नामजद 10 अभियुक्तों — वरुण चौधरी, रविन्द कुमार दयाल, लक्ष्मीकान्त, आनन्द मिश्रवाण, वेदपाल, दिनेश काण्डपाल, जितेन्द्र कुमार, सुमन देवी, अभिषेक और सुजीत कुमार — के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई का उद्देश्य घोटाले से संबंधित पत्रावलियों, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों को कब्जे में लेना तथा इन कर्मचारियों के अन्य संभावित भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की जांच करना था।
इस संबंध में माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा जारी सर्च वारंट की तामील में सतर्कता अधिष्ठान ने 26 जून 2026 को लखनऊ, दिल्ली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश और देहरादून में एक साथ तलाशी अभियान संचालित किया।
अभियान के लिए विभिन्न जनपदों में कुल आठ टीमें गठित कर भेजी गईं, जिन्होंने सुबह से ही कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक तलाशी के दौरान कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख कब्जे में लिए गए हैं।