धेनु एग्रो घोटाले में STF-CBCID और यूपी STF की संयुक्त कार्रवाई, आरडी-एफडी के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप
देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखण्ड पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और सीबीसीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2018 से फरार चल रहे ₹50 हजार के इनामी आरोपी देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को उत्तर प्रदेश के आगरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड के जरिए आरडी और फिक्स डिपॉजिट के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित था।
एसएसपी STF अजय सिंह ने बताया कि हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड द्वारा निवेश के नाम पर लोगों से धन जमा कराया गया था। कंपनी ने निवेशकों को विभिन्न बॉन्ड और सर्टिफिकेट जारी किए, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये के गबन और धोखाधड़ी का मामला सामने आया। इस संबंध में कोतवाली ज्वालापुर में वर्ष 2018 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान कंपनी संचालक अनिल कुमार तिवारी और देवेन्द्र प्रकाश तिवारी की भूमिका सामने आई। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, षड्यंत्र, उत्तरांचल निक्षेपक हित संरक्षण अधिनियम, चिटफंड एवं धन परिचालन पाबंदी अधिनियम और आरबीआई एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई। मुख्य आरोपी अनिल तिवारी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि देवेन्द्र तिवारी पिछले सात वर्षों से फरार चल रहा था।
STF के अनुसार आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। पिछले एक महीने से STF उसकी गतिविधियों पर तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए निगरानी रख रही थी। बुधवार को सूचना मिली कि आरोपी आगरा के डौकी क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद उत्तराखण्ड STF, सीबीसीआईडी और यूपी STF की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेन्द्र प्रकाश तिवारी पुत्र आनंद तिवारी निवासी आवास विकास कॉलोनी, हंसपुरम, नौबस्ता कानपुर तथा वर्तमान निवासी ग्राम तोस, थाना जैत, जिला मथुरा (उ.प्र.) के रूप में हुई है। आरोपी को कोतवाली ज्वालापुर लाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
STF टीम
निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल रियाज अख्तर, गोविंद बिष्ट, चालक संजय कुमार और दुर्गा सिंह पापड़ा कार्रवाई में शामिल रहे।
CBCID टीम
निरीक्षक वेदप्रकाश थपलियाल, कांस्टेबल कर्मवीर सिंह और चालक मनोज राणा ने कार्रवाई में सहयोग किया।
यूपी STF टीम
उपनिरीक्षक राहुल परमार, एचसी अशोक राजपूत, गोविंद पाल, मोहर सिंह और कांस्टेबल सत्यम यादव संयुक्त ऑपरेशन में शामिल रहे।
हाइलाइटर :
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“ऑपरेशन प्रहार” के तहत STF की बड़ी सफलता
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आरडी-एफडी निवेश के नाम पर ठगी का मामला
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7 साल से फरार चल रहा था इनामी आरोपी
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आगरा में STF और यूपी STF ने संयुक्त घेराबंदी कर दबोचा
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धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड से जुड़ा है मामला