:- गरिमा दसौनी बोलीं—जन्मदिन और उत्सव अपनी जगह, लेकिन उत्तराखंड की बेटी के न्याय के सवालों का जवाब भी जरूरी
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि के बहाने भाजपा और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री और 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन सहित भाजपा इन दिनों विभिन्न आयोजनों में व्यस्त है, लेकिन 18 सितंबर को उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की पुण्यतिथि भी है। ऐसे में सरकार और भाजपा को अंकिता के मामले में अब तक अनुत्तरित सवालों का जवाब देना चाहिए।
दसौनी ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल पौड़ी गढ़वाल की बेटी नहीं थी, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी थी। उन्होंने कहा कि अंकिता की हत्या के बाद प्रदेशभर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी। ऐसे में उसकी चौथी पुण्यतिथि पर सरकार को यह बताना चाहिए कि मामले में उठे सभी सवालों का समाधान हुआ या नहीं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अंकिता प्रकरण की जांच के दौरान वनंत्रा रिजॉर्ट, कथित राजनीतिक रसूख और कथित वीआईपी कनेक्शन सहित कई मुद्दे चर्चा में रहे। उन्होंने दावा किया कि अंकिता के माता-पिता भी समय-समय पर इन सवालों को उठाते रहे हैं। दसौनी ने सवाल किया कि क्या कथित वीआईपी एंगल सहित मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पूरी पड़ताल हुई है और क्या प्रदेश की जनता को जांच की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जनवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी और फरवरी 2026 में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली। कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि इसके बाद जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है और इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई है।
दसौनी ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सीबीआई जांच की प्रगति के बारे में प्रदेश की जनता और अंकिता के परिवार को जानकारी दी जाए। साथ ही कथित वीआईपी एंगल समेत सभी अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष जांच हो और मामले में किसी भी स्तर पर कानून एवं न्याय की राह में बाधा डालने वालों की भूमिका सामने लाई जाए।
उन्होंने कहा कि जन्मदिन और उत्सव मनाना अपनी जगह है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारियां इससे खत्म नहीं होतीं। भाजपा नेताओं के महिला सुरक्षा, बेटी बचाओ और नारी सम्मान से जुड़े दावों के बीच अंकिता प्रकरण में उठे सवालों का जवाब मिलना भी जरूरी है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि अंकिता भंडारी कांग्रेस के लिए कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के लिए यह मामला अलग-अलग मायने रख सकता है, लेकिन अंकिता के परिवार और प्रदेश की जनता के लिए न्याय और पूरे सच का सामने आना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब तक मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब नहीं मिलते, अंकिता को लेकर प्रदेश में उठती आवाज बनी रहेगी।