:- 12 जेसीबी और 15 डम्परों के साथ युद्धस्तर पर सफाई अभियान, मानसून से पहले नदी पुनरुद्धार पर प्रशासन का फोकस
देहरादून, 17 जून। रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने और उसे कूड़ाघर बनने से बचाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त अभियान को तेज कर दिया है। बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने राजीव नगर क्षेत्र में पहुंचकर नदी में चल रहे सफाई एवं पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सफाई कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून से पहले रिस्पना नदी की व्यापक सफाई सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके।
नगर निगम द्वारा मार्च माह से चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता अभियान के तहत अब तक करीब 17 हजार मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जा चुका है। निगम की ओर से बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर और रिस्पना नदी के करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा शहर के विभिन्न नदी-नालों और जलधाराओं में भी नियमित सफाई कार्य जारी है।
रिस्पना नदी की सफाई और पुनरुद्धार के लिए नगर निगम ने 12 जेसीबी मशीनें और 15 डम्पर तैनात किए हैं। इनके माध्यम से नदी क्षेत्र में जमा कूड़ा, मलबा और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि नमामि गंगे और जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। नदी किनारे कूड़े के ढेर वाले स्थानों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर साफ किया जाएगा। साथ ही, नदी में गिरने वाले बिना उपचारित नालों के पानी के उपचार के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि रिस्पना के पुनरुद्धार के लिए दीर्घकालिक और व्यवहारिक योजना पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभागों के समन्वित प्रयासों से नदी संरक्षण और पुनर्जीवन के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।
इस अवसर पर एसएनएस राजवीर सिंह सहित नगर निगम और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।