:- उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर देहरादून में “मानसिक स्वास्थ्य का महत्व” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी आयोजित
देहरादून, 18 अगस्त 2026। नेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल सोशल वर्कर्स एवं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को “मानसिक स्वास्थ्य का महत्व” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, बच्चों पर पढ़ाई के अतिरिक्त दबाव तथा सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से उत्पन्न मानसिक तनाव जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विमल रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सभी को सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के प्रभाव से बढ़ता अकेलापन, अभिभावकों द्वारा पढ़ाई करने वाले बच्चों पर अतिरिक्त भार डालना तथा एक-दूसरे से तुलना करना मानसिक अवसाद के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति आवश्यक रूप से जागरूक रहने की अपील की।
प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होने से समाज का पूर्ण विकास संभव है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ समाज की आधारशिला बताते हुए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. भावना डोभाल ने “मन स्वस्थ, तन स्वस्थ” के संकल्प के साथ सभी आमंत्रित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेंद्र जगूड़ी ने किया। उन्होंने कहा कि मानसिक अवसाद के मामले निरंतर बढ़ना बेहद चिंताजनक है। इसके रोकथाम के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक श्री मुकेश कुमार यादव ने विश्वविद्यालय द्वारा विशेष शिक्षा में पढ़ाए जाने वाले कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी प्रदान की।
संगोष्ठी में श्री बृजमोहन खाती, श्री कुंदन, श्री अजय सिंह, श्री अभिषेक सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षार्थी उपस्थित रहे।