इन्वेस्टमेन्ट के नाम पर करोडों की धोखाधड़ी करने वाले गैंग का एक सदस्य झुंझुनूं राजस्थान से किया गिरफ्तार

उत्तराखण्ड एस०टी०एफ० की साइबर क्राइम देहरादून टीम की बड़ी कार्यवाही

♦️ *एस.टी.एफ. की साइबर टीम द्वारा कड़ी से कड़ी जोडकर किया गया साइबर अपराध का अनावरण, शातिर साइबर अभियुक्त तक पंहुचा एस.टी.एफ. का हाथ*।
♦️ *साईबर ठगों के द्वारा वादी को इन्वैस्टमैन्ट के नाम बड़ा मुनाफा कमाने का लालच देकर की गयी थी लगभग 1.32 करोड रुपये की ठगी ।*

♦️ *उक्त प्रकरण में अभियोग के मास्टर माइण्ड की गिरफ्तारी सहित अब तक कुल 05 शातिर अपराधियों के विरुद्ध की जा चुकी है कार्यवाही*।


मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड, श्री दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश निर्गत किये गये हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, द्वारा जानकारी दी गई कि श्रीनगर, पौडी गढवाल के निवासी नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायतकर्ता ने बताया कि अक्टूबर से दिसम्बर 2025 के मध्य अज्ञात साइबर ठगों (कथित रजत वर्मा व मीना भट्ट आदि) द्वारा उसे एक लिंक के माध्यम से “71 Wealth Enhancement” नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोडा गया था व प्रतिदिन 5% से अधिक कमाने का झांसा देकर एक लिंक https://app.dbscoopreation.com के माध्यम से Internal Equity Account में रजिस्ट्रेशन करवाया गया और निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों/UPI के माध्यम से रुपये जमा करवाकर कुल लगभग ₹1,31,76,000/- (एक करोड़ इकतीस लाख छिहत्तर हजार रुपये) की धोखाधड़ी की गयी। कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वंय के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 62/25 धारा 318(4), 61(2) BNS एवं 66D IT Act पंजीकृत किय़ा गया ।

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण एवं विवेचना के आधार पर उक्त अपराध में संलिप्त अपराधियों को चिन्ह्ति कर तलाश जारी की गयी, विवेचना के दौरान जानकारी में आया कि उक्त साईबर अपराध में संलिप्त गैंग के महाराष्ट्र निवासी 03 सदस्य केन्द्रीय कारागार पटियाला में किसी अन्य अपराध में निरुद्ध हैं, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुये उक्त तीनों अपराधियों का वारण्ट बी प्राप्त कर देहरादून लाया गया व दिनांक 25.03.2026 को इस अभियोग में रिमाण्ड लेकर देहरादून जेल भेजा गया तथा संलिप्त एक अन्य अपराधी अरवाज सैफी को दिनांक 09.04.2026 को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साईबर टीम द्वारा विवेचना में और तेजी लाते हुये उक्त अपराध में संलिप्त एक अन्य अभियुक्त रिंकू पुत्र किशोरी लाल निवासी Bhorki, थाना Gudha Gorji , जिला झुंझुनूं राजस्थान को चिन्हित कर तलाश प्रारंभ की गयी और इसी क्रम में अभियुक्त रिंकू उपरोक्त को झुंझुनू राजस्थान से गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाईल फोन और सिम बरामद हुआ है। वादी के साथ ठगी के रुपयों में से ₹2,00,000/- की धनराशि अभियुक्त रिंकू उपरोक्त के बैंक खाते में tranafer हुई थी, जिसे उसके द्वारा तत्समय सेल्फ चेक के माध्यम से निकाला गया था। *विवेचना से अभियुक्त रिंकू उपरोक्त के बैंक खाते के विरुद्ध पूरे भारत वर्ष में कई शिकायतें दर्ज होना प्रकाश में आयी हैं जिनमें अब तक तेलंगाना, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यो में 16 शिकायतें प्रकाश में आयी हैं।*

*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता–*
1- रिंकू पुत्र किशोरी लाल निवासी भोरकी, थाना गुदहा गोरजी , जिला झुंझुनूं, राजस्थान उम्र करीब- 22 वर्ष।

*गिरफ्तारी पुलिस टीम-*
1- निरीक्षक अनिल कुमार
2- अपर उ0नि0 गोपाल बिष्ट
3- अपर उ0नि0 पवन यादव

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग हेतु न दें, कमीशन/किराये पर खाता देना अपराध है, ATM कार्ड, OTP, PIN, UPI PIN साझा न करें, अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक/पुलिस को सूचित करें तथा अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना/दस्तावेज दें । यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है । किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों / फर्जी साईट / धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें । साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें । गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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