चमोली में तमक नाला में बेली ब्रिज तेज जलप्रवाह में बहा, सुरक्षा एजेंसी लगी राहत एवं बचाव कार्यों में

ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद, एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव में जुटीं; निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश

देहरादून। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में मंगलवार को अत्यधिक जलप्रवाह के कारण बेली ब्रिज बह गया। घटना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ ही नदी-नालों और निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रखी जाए। उन्होंने आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने देने के निर्देश भी दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने को कहा गया है।

एक व्यक्ति और कैंपर वाहन के बहने की सूचना

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के अनुसार, ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया। प्राप्त सूचना के अनुसार नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना मिली है।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। तमकनाला क्षेत्र में एसडीआरएफ के जवानों द्वारा लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर कुछ वाहन बहकर दलदल में फंसे मिले हैं। फिलहाल जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।

मलारी की ओर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित

सुरक्षा के मद्देनजर ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।

SEOC से 24 घंटे निगरानी

सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बदलते मौसम और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नदी-नालों, जलप्रवाह वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा है। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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