फ्लाइट में मौत से जंग: घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने बचाई 174 लोगों की जान

:- कॉकपिट में को-पायलट के हमले के बाद तेजी से नीचे जा रहा था विमान, गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा; यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया

नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर 2026 को उस समय हड़कंप मच गया, जब दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान के कॉकपिट में कथित तौर पर को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उनके प्रयासों और बाद में यात्रियों व क्रू के हस्तक्षेप से विमान को सुरक्षित बचाया जा सका।

फ्लाइट FZ1073 में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के दौरान विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी आपात लैंडिंग कराई गई।

कॉकपिट में आखिर हुआ क्या?

रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। इस दौरान कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।

इसके बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का सामना किया। बाद में उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। कुछ यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद दो अतिरिक्त पायलटों ने भी बाद में विमान को सुरक्षित उतारने में भूमिका निभाई।

30 सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया विमान

इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फ्लाइट ने बेहद कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा में विमान के करीब 30,875 फीट से लगभग 16,750 फीट तक महज 29 सेकंड में नीचे आने की जानकारी सामने आई है।

विमान को इसके बाद सऊदी अरब के तबूक में आपात स्थिति में उतारा गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय पायलट हैं और फ्लाईदुबई में बोइंग 737 के कैप्टन के तौर पर काम करते हैं। इससे पहले वे करीब 11 वर्षों तक भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट से जुड़े रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था।

मुंबई से जुड़ी रिपोर्टों में बताया गया है कि मच्छार ने 19 साल की उम्र में एविएशन में करियर बनाने का फैसला किया था। उनके परिवार का टेक्सटाइल कारोबार था, लेकिन एक एविएशन सेमिनार के बाद उनकी रुचि विमानन क्षेत्र में बढ़ी।

अस्पताल से पीएम मोदी से की बात

घटना के दो दिन बाद, 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की। Reuters के मुताबिक, इस दौरान मच्छार ने हमले के बाद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और विमान को बचाने की कोशिश के बारे में बताया।

बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने बताया कि संकट की उस घड़ी में उन्होंने हनुमान का स्मरण किया और हनुमान चालीसा पढ़ी। अस्पताल से सामने आए वीडियो में वे भावुक भी नजर आए।

नेतन्याहू ने भी की बहादुरी की तारीफ

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद कैप्टन मच्छार के साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की। इजराइली अधिकारियों ने घटना को गंभीर सुरक्षा मामले के तौर पर देखा है और संभावित आतंकी मकसद समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।

हालांकि, घटना के कारणों और हमले के मकसद को लेकर जांच अभी जारी है। इसलिए इसे अंतिम रूप से आतंकी हमला या किसी खास मकसद से किया गया हमला बताना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।

अस्पताल में कैप्टन की हालत स्थिर

हमले में गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज चल रहा है। 2 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार वे अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत भी की।

कॉकपिट में हुए इस हमले के दौरान विमान का तेजी से नीचे आना, कैप्टन का घायल होना और इसके बाद यात्रियों-क्रू का कॉकपिट तक पहुंचना पूरी घटना को बेहद असाधारण बनाता है। कैप्टन मच्छार के साहस और त्वरित निर्णय की भारत समेत कई देशों में सराहना हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *