:- फाइनल में हरिद्वार इल्मास को 36 रन से हराया, कप्तान कुणाल चंदेला की 90 रन की कप्तानी पारी ने रखी जीत की नींव
:- फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने कुणाल चंदेला, यूपीएल के लगातार तीन खिताब जीतने वाले पहले कप्तान भी बने
देहरादून। उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-3 के फाइनल में देहरादून वॉरियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हरिद्वार इल्मास को 36 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में देहरादून ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 197 रन बनाए। जवाब में हरिद्वार इल्मास की पूरी टीम 19.4 ओवर में 161 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस जीत के साथ कुणाल चंदेला ने UPL में लगातार तीन सीजन खिताब जीतने वाले कप्तान बनने की उपलब्धि हासिल की है। उनकी कप्तानी में देहरादून वॉरियर्स ने लगातार तीसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया। सीजन-3 के फाइनल में भी कुणाल ने कप्तानी की जिम्मेदारी को बल्ले से बखूबी निभाया और 90 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।
22 रन पर दो विकेट गिरे, फिर कप्तान ने संभाली पारी
टॉस जीतकर देहरादून वॉरियर्स के कप्तान कुणाल चंदेला ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और महज 22 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए।
ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान कुणाल चंदेला ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों पर 90 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और चार छक्के शामिल रहे। कुणाल ने एक छोर संभालने के साथ ही हरिद्वार के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
कप्तान को मोहम्मद उजैर मलिक का शानदार साथ मिला। उजैर ने 46 गेंदों पर 64 रन की पारी खेली, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। दोनों की अहम साझेदारी ने देहरादून को शुरुआती झटकों से उबारते हुए बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया।
देहरादून वॉरियर्स ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 197 रन बनाए और हरिद्वार इल्मास के सामने 198 रन का लक्ष्य रखा।
हरिद्वार की शुरुआत खराब, 68 रन पर आधी टीम पवेलियन लौटी
198 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरिद्वार इल्मास की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी के पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर टीम ने बिना खाता खोले पहला विकेट गंवा दिया।
इसके बाद देहरादून के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। हरिद्वार की आधी टीम महज 68 रन के स्कोर तक पवेलियन लौट चुकी थी। हालांकि शाश्वत डंगवाल ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले में रोमांच पैदा किया। उन्होंने 31 गेंदों पर 59 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और पांच छक्के शामिल रहे।
शाश्वत ने हरिद्वार की उम्मीदें जगाईं, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। लगातार विकेट गिरने के कारण हरिद्वार की टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और 19.4 ओवर में 161 रन पर सिमट गई।
आदित्य रावत की घातक गेंदबाजी ने तोड़ी हरिद्वार की कमर
देहरादून वॉरियर्स की जीत में गेंदबाजों ने भी अहम भूमिका निभाई। आदित्य रावत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3.4 ओवर में सिर्फ 19 रन देकर चार विकेट झटके। उनके स्पेल ने हरिद्वार की पारी को निर्णायक झटका दिया।
अभिषेक सिंह और सुमित जुयाल ने भी दो-दो विकेट लेकर टीम की जीत में योगदान दिया। देहरादून की सटीक गेंदबाजी के सामने हरिद्वार की पूरी टीम 161 रन पर ऑलआउट हो गई।
कुणाल चंदेला: बल्ले से कप्तानी और कप्तानी में खिताबों की हैट्रिक
UPL सीजन-3 का खिताब देहरादून वॉरियर्स के नाम होने के साथ ही सबसे बड़ी कहानी कप्तान कुणाल चंदेला की रही। फाइनल में 90 रन की शानदार पारी खेलने वाले कुणाल ने एक बार फिर टीम को खिताबी मंजिल तक पहुंचाया।
लगातार तीन सीजन में खिताब जीतने वाले कप्तान के रूप में कुणाल चंदेला ने UPL के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई है। सीजन-3 की ट्रॉफी उनके लिए सिर्फ एक और खिताब नहीं, बल्कि लगातार तीसरी खिताबी सफलता रही।
फाइनल में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन और नेतृत्व की भी जमकर चर्चा रही।
देहरादून वॉरियर्स की खिताबी हैट्रिक
सीजन-3 के फाइनल में हरिद्वार इल्मास को 36 रन से हराकर देहरादून वॉरियर्स ने एक बार फिर UPL ट्रॉफी अपने नाम की। टीम की इस सफलता के केंद्र में कप्तान कुणाल चंदेला रहे, जिन्होंने लगातार तीन सीजन टीम को चैंपियन बनाने में नेतृत्व किया।
कप्तान की 90 रन की पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर देहरादून ने फाइनल में हरिद्वार को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया।