:- 94 वोटों से NSUI के सौरभ सेमवाल को हराया, मतगणना के दौरान वैध-अवैध मतपत्रों को लेकर हुआ विवाद; उपाध्यक्ष पद SFI और महासचिव पद निर्दलीय प्रत्याशी के नाम
देहरादून, 29 सितंबर। डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून के छात्रसंघ चुनाव 2026 के परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिए गए। हंगामे और विवाद के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नवदीप राणा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। उन्होंने NSUI के सौरभ सेमवाल को 94 मतों से हराया। नवदीप राणा को कुल 1759 मत मिले। अध्यक्ष पद पर आर्यन छात्र संगठन के अमित सिंह को 998 मत प्राप्त हुए।
चुनाव के दौरान अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। वहीं, मतगणना के दौरान मतपत्रों की वैधता को लेकर ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और तीखी झड़प की स्थिति भी बनी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
उपाध्यक्ष पद पर SFI के शैलेंद्र सिंह की जीत
उपाध्यक्ष पद पर SFI के शैलेंद्र सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने आर्यन छात्र संगठन के हर्ष रावत को 785 मतों के अंतर से पराजित किया। शैलेंद्र सिंह को कुल 2388 मत प्राप्त हुए।
महासचिव पद पर निर्दलीय प्रत्याशी नितांश (निलांश) ने जीत दर्ज की। उन्होंने दीपक राणा को पराजित किया। दीपक राणा को 1953 मत मिले।
चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए
डीएवी छात्रसंघ चुनाव के बीच NSUI छात्र नेताओं के खिलाफ वारंट और गिरफ्तारी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार रात एसएसपी आवास पर प्रदर्शन किया था। रैली के रूप में पहुंचे कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटाया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान NSUI से जुड़े छात्र नेताओं के खिलाफ वारंट और गिरफ्तारी की कार्रवाई कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए थे।
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सौरभ सेमवाल ने भी NSUI छात्र नेता विनीत प्रसाद भट्ट उर्फ बंटू भैया के खिलाफ वारंट जारी होने और गिरफ्तारी की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए पुलिस पर दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
मतदान के दौरान भी रही सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव के दौरान कॉलेज पहुंचने वाले छात्रों के प्रवेश पत्रों की गेट पर जांच की गई। चुनाव परिणाम घोषित होने तक कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी रही।