117 घंटे से अधिक चले चुनौतीपूर्ण अभियान का सफल समापन, 12 श्रमिक सकुशल रेस्क्यू, 10 की दुखद मौत
चमोली, 18 अगस्त 2026। हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त की शाम पानी का रिसाव और भूस्खलन होने से हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे एवं लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है।
हादसे के समय टनल में एचसीसी कंपनी द्वारा कार्य कराया जा रहा था। पानी के रिसाव और भूस्खलन के कारण प्रारंभिक तौर पर करीब 22 श्रमिकों के टनल में फंसे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी सहित विभिन्न एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
117 घंटे से अधिक चला अभियान
करीब 117 घंटे से अधिक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान में कुल 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की दुखद मृत्यु हुई। अभियान के दौरान टनल से घायल श्रमिकों को तत्काल बाहर निकालकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके बाद लगातार सर्च अभियान चलाते हुए लापता श्रमिकों की तलाश की गई और अंतिम चरण में 18 अगस्त को दो और श्रमिकों के शव बरामद किए गए।
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर जमा पानी की निकासी, मलबा हटाने और फंसी मशीनरी को बाहर निकालने का कार्य लगातार जारी रहा। संभावित स्थानों पर आधुनिक उपकरणों की मदद से सघन सर्च अभियान चलाया गया। पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप सहित आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया गया, जिससे रेस्क्यू टीमों को टनल के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच बनाने में मदद मिली।
जिलाधिकारी ने लगातार की अभियान की निगरानी
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पूरे रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और रेस्क्यू एजेंसियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे एवं लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना रही। इसके लिए रेस्क्यू टीमें कठिन परिस्थितियों में दिन-रात लगातार जुटी रहीं।
रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार जानकारी ली गई तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
रेस्क्यू किए गए 12 श्रमिक
सुनील दीवान पुत्र संतोश दीवान, निवासी छत्तीसगढ़।
हारबिल गुड़िया पुत्र रेजन गुड़िया, निवासी तपरा।
कमड़ा, निवासी झारखंड।
निस्तर भिंगरा पुत्र राफेल भिंगरा, निवासी झारखंड।
विनोद रावना पुत्र तुनिया रावना, निवासी झारखंड।
दीना बेगरा पुत्र केला बेगरा, निवासी झारखंड।
खेला राम बिसरा पुत्र मोनसा बिसरा, निवासी झारखंड।
सुबेग सिंह पुत्र वीरा सिंह, निवासी पंजाब।
तिलकराज पुत्र बुद्धीराम, निवासी हिमाचल प्रदेश।
पेन सिंह पुत्र पीला सिंह, निवासी छत्तीसगढ़।
रोहित पाण्डे पुत्र अवधेश पाण्डे, निवासी बिहार।
गोविन्दो मंडाल पुत्र परीक्षित मंडाल, निवासी पश्चिम बंगाल।
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मृतक श्रमिकों के नाम
प्रदीप पंवार पुत्र अवतार सिंह, निवासी टिहरी गढ़वाल।
जितेन्द्र कुमार पुत्र राम चन्द्रा, निवासी उत्तर प्रदेश।
मुकेश सिंह पुत्र प्रेम सिंह, निवासी चमोली।
दुर्लभ शर्मा पुत्र भवानी राम शर्मा, निवासी उत्तर प्रदेश।
विजय हंसदा पुत्र राम चन्द्रा, निवासी उत्तर प्रदेश।
लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम, निवासी छत्तीसगढ़।
भुनेश्वर पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी छत्तीसगढ़।
देवनाथ पुत्र धनसुराम बघेल, निवासी छत्तीसगढ़।
लुकास टोपनो पुत्र बा़ससा टोपनो, निवासी झारखंड।
चेतन पोयाम पुत्र सोनधार पोयाम, निवासी छत्तीसगढ़।
सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयास से अभियान सफल
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ, आईटीबीपी गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और टीएचडीसी सहित संबंधित एजेंसियों की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और टनल के भीतर लगातार बनी चुनौती के बावजूद सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय, तत्परता और साहस के साथ लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। लगभग पांच दिनों तक चले अभियान के बाद सभी प्रभावित श्रमिकों को टनल से बाहर निकालने के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का समापन कर दिया गया।