:- श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् के 47वें सत्र में बाल सेवकों से अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की यात्रा साझा की
उत्तरकाशी। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद पर चयनित उत्तरकाशी की बेटी कुमारी प्रकृति नेगी ने श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् के 47वें सत्र में बाल सेवकों को प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की यात्रा साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
ग्राम बडेथी निवासी प्रकृति नेगी का जन्म 27 नवंबर 1997 को एक सामान्य कृषक परिवार में श्रीमती रोशनी देवी एवं श्री रविन्द्र सिंह नेगी के घर हुआ। बचपन से ही उन्हें दादा श्री जीतवर सिंह नेगी और दादी श्रीमती सावित्री देवी का स्नेह व संस्कार प्राप्त हुए। प्रारंभिक शिक्षा नवदीप चिल्ड्रेन अकादमी से प्राप्त करने के बाद उन्होंने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई गोस्वामी गणेश दत्त विद्या मंदिर, उत्तरकाशी से पूरी की। इसके पश्चात एसजीआरआर कॉलेज, देहरादून से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की।
सिविल सेवा के प्रति रुचि होने के कारण उन्होंने स्नातक के अंतिम वर्ष से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2019 में उच्च स्तरीय तैयारी के लिए दिल्ली गईं। कई चुनौतियों, संघर्षों और कठिन परिश्रम के बाद उन्होंने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वर्ष 2024 की परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2026 में पुलिस उपाधीक्षक पद पर चयनित होकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् के महंत अजय पुरी ने प्रकृति नेगी की सफलता को उनके अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और परिवार के त्याग का परिणाम बताते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रकृति की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर उन्हें विश्वनाथ कवच एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समन्वयक पारस कोटनाला, मोहन डबराल, रमेश चौहान, जीतेन्द्र पंवार, सुरेंद्र गंगाड़ी, चंद्रशेखर भट्ट, आदित्य चौहान, संतोषी राणा सहित बड़ी संख्या में गुरुकुल परिवार के सदस्य, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।