:- हर मंगलवार सजता है माँ का दरबार, दूर-दराज़ से पहुंच रहे श्रद्धालु, संतान सुख और रोगमुक्ति की मान्यता से बढ़ रही श्रद्धा
थौलधार/कंडीसौर (टिहरी गढ़वाल)। बगोड़ी गांव इन दिनों क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर-दराज़ के श्रद्धालुओं के लिए भी गहरी आस्था और विश्वास का केंद्र बन चुका है। यहाँ पिछले लगभग 13 वर्षों से स्थापित माँ भगवती की सिद्ध डोली श्रद्धालुओं के बीच विशेष धार्मिक महत्व रखती है। गुसाईं पट्टी क्षेत्र में यह दिव्य डोली “सुरकंडा” नाम से प्रसिद्ध है, जबकि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले भक्त माँ को “कालिंका” के रूप में पूजते हैं।
हर मंगलवार को माँ भगवती का भव्य दरबार सजता है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ और समस्याएँ लेकर पहुँचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो लोग आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से निराश हो जाते हैं, वे भी माँ के दरबार में आकर मानसिक शांति और समाधान की अनुभूति करते हैं।
क्षेत्र में यह मान्यता प्रचलित है कि माँ भगवती के आशीर्वाद से अनेक महिलाओं को संतान सुख की प्राप्ति हुई है। वहीं पैरालिसिस, शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कई लोगों ने भी माँ की कृपा से राहत मिलने की बात कही है।
माँ भगवती की सिद्ध डोली के पीठाधीश्वर पंकज जोशी कई वर्षों से माँ की साधना और आराधना में लीन हैं। ज्योतिष के जानकार माने जाने वाले पंकज जोशी के मार्गदर्शन में यह धार्मिक दरबार संचालित होता है। उनका कहना है कि माँ के दरबार में सच्ची श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ आने वाले भक्तों की मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रीतम पंवार भी माँ भगवती की कृपा का अनुभव कर चुके हैं। बताया जाता है कि विधानसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी रहते हुए वे माँ के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें चुनाव में विजय प्राप्त हुई।
आज बगोड़ी गांव केवल एक गांव नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक बन चुका है। हर मंगलवार को यहाँ माँ भगवती के जयकारों के बीच भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
पीठाधीश्वर पंकज जोशी
कोई भक्तगण अगर माता के दरबार में आने के इच्छुक है तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सकता है- 9639215238