डॉक्टर के सामने धारदार हथियार लहराने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप, पुलिस के देरी से पहुंचने पर उठे सवाल
देहरादून, 9 अक्टूबर 2026। राजधानी देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार तड़के चापड़ लेकर घुसे युवकों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि युवकों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी और हमला करने की कोशिश की। धारदार हथियार लेकर युवकों के इमरजेंसी में घुसने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों के तीमारदारों में दहशत का माहौल बन गया।
एसएसपी कार्यालय के पास दो गुटों में हुई थी मारपीट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के एसएसपी कार्यालय के पास दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद दून अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि एक पक्ष के कुछ युवक हाथों में चापड़ लेकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घुस गए।
इमरजेंसी में हथियार लहराकर दी जान से मारने की धमकी
आरोप है कि इमरजेंसी में पहुंचने के बाद युवकों ने ड्यूटी पर मौजूद लेडी डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ के सामने धारदार हथियार लहराए। इस दौरान जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक हुए इस हंगामे से वहां मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई।
सुरक्षा गार्डों ने युवकों को बाहर निकालने का किया प्रयास
हथियार लेकर युवकों के इमरजेंसी में पहुंचने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित डॉक्टरों, कर्मचारियों और तीमारदारों ने वहां से हटकर खुद को सुरक्षित करने का प्रयास किया। वहीं, अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने युवकों को रोकने और बाहर निकालने की कोशिश की। जानकारी के मुताबिक, बाद में कुछ लोग चापड़ लिए एक युवक को खींचकर अस्पताल से बाहर ले गए।
घटना के बाद डॉक्टरों की ओर से पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, आरोप है कि पुलिस मौके पर देरी से पहुंची।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दून अस्पताल की इमरजेंसी में हुई इस घटना ने डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इमरजेंसी वार्ड में हर समय गंभीर मरीजों का उपचार चलता रहता है। ऐसे में हथियार लेकर उपद्रवियों के अंदर पहुंचने की घटना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर करती है।
अब सवाल यह है कि अस्पताल की इमरजेंसी में धारदार हथियार लेकर युवक कैसे पहुंच गए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत किया गया है।