:- डीआरआईपी के तहत गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्ध कार्यों से संतुष्ट हुआ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल
देहरादून: उत्तराखंड में विश्व बैंक की भागीदारी वाली जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे विश्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूजेवीएन लिमिटेड की इछाड़ी बांध परियोजना के कार्यों की गुणवत्ता और रफ्तार की सराहना की। दल का नेतृत्व विश्व बैंक के वैश्विक निदेशक (जल) सरोज झा कर रहे थे।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित डैम रिहैबिलिटेशन एंड इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (DRIP) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने बांध की फाउंडेशन गैलरी, विभिन्न संरचनाओं पर स्थापित उपकरणों की कार्यप्रणाली और दायें तट पर किए गए स्लोप ट्रीटमेंट कार्यों को देखा, जिनकी गुणवत्ता और रखरखाव से टीम पूरी तरह संतुष्ट नजर आई।
यूजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों ने DRIP के प्रथम और द्वितीय चरण में किए गए कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। साथ ही, भूकंप और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए तैयार किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को भी प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावी और व्यावहारिक पहल बताया।
समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, समयबद्ध क्रियान्वयन और सतत विकास के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान वैश्विक निदेशक सरोज झा ने यूजेवीएन लिमिटेड के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह के नेतृत्व की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यभार संभालने के बाद कम समय में परियोजनाओं में आई तेजी, बेहतर प्रबंधन और परिणामोन्मुखी कार्यशैली संगठन की कार्यकुशलता को दर्शाती है।
प्रतिनिधिमंडल ने यूजेवीएनएल की कार्य संस्कृति, तकनीकी दक्षता और टीम भावना को भी अनुकरणीय बताया।
निरीक्षण के दौरान यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक (वित्त) सुधाकर बडोनी, अधिशासी निदेशक (जनपद) राजीव अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ DRIP सहित अन्य परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करेगा और राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के सतत विकास में अहम भूमिका निभाता रहेगा।