एंटीबायोटिक दवाओं के गलत इस्तेमाल के खतरों को छात्रों ने रील्स के जरिए किया उजागर

राजकीय पॉलिटेक्निक बछैलीखाल में एएमआर जागरूकता पर रील मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित, फार्मेसी के छात्रों ने दिया जनस्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश

बछैलीखाल (टिहरी गढ़वाल)। एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग से बढ़ते स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय पॉलिटेक्निक बछैलीखाल, टिहरी गढ़वाल में एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) विषय पर रील मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में संस्थान के फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से जनस्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए।

प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य एंटीबायोटिक दवाओं के बिना चिकित्सकीय परामर्श और अनियंत्रित उपयोग से उत्पन्न होने वाली एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस की समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करना था। छात्र-छात्राओं ने अपनी रील्स के माध्यम से बताया कि डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। साथ ही दवाओं के गलत इस्तेमाल से रोगाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने और संक्रमण के उपचार में कठिनाइयां बढ़ने का संदेश भी दिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए करिश्मा, सलोनी और शिवानी ने प्रथम स्थान, जबकि तनुजा और शिवानी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने डिजिटल माध्यम का रचनात्मक उपयोग कर स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक एवं कर्मचारी भास्करानंद, विपिन पंवार, संदीप नेगी, अविनाश पंवार, अमित, प्रशांत जोशी, फतेह सिंह, जय सिंह और अरविंद रावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों को स्वास्थ्य शिक्षा और समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बताया।
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