:- तीन दिवसीय ‘ISACON-UK 2026’ सम्मेलन में मरीजों की सुरक्षा, रोबोटिक सर्जरी और एनेस्थीसिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर होगी चर्चा
देहरादून। एनेस्थीसिया चिकित्सा में आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक नवाचार और मरीजों की सुरक्षा को लेकर देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सक देहरादून में मंथन करेंगे। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा में शुक्रवार (30 अक्टूबर) से तीन दिवसीय 15वें राज्य स्तरीय वार्षिक एनेस्थीसिया सम्मेलन ‘आईएसएसीओएन-यूके 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। एक नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में चिकित्सा जगत की नवीनतम उपलब्धियों, उपचार की आधुनिक पद्धतियों और एनेस्थीसिया के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा।
भारतीय एनेस्थीसियोलॉजिस्ट सोसायटी (आईएसए) की उत्तराखंड राज्य इकाई के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन का आयोजन गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग और देहरादून सोसायटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट (डीएसए) की ओर से किया जा रहा है।
‘द सीमलेस स्पेक्ट्रम ऑफ एनेस्थीसिया 360° – वाइटैलिटी, विजिलेंस एंड विज़न’ थीम पर आधारित सम्मेलन में एनेस्थीसिया के क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक बदलावों, नई चिकित्सा तकनीकों और मरीजों को अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रोबोटिक सर्जरी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पर होगी चर्चा
सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में बाल चिकित्सा एनेस्थीसिया, क्षेत्रीय एनेस्थीसिया, एयरवे मैनेजमेंट, क्रिटिकल केयर, प्रसूति एनेस्थीसिया और दर्द प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। इसके अलावा रोबोटिक सर्जरी, अल्ट्रासाउंड आधारित तकनीकों तथा एनेस्थीसिया चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका और संभावनाओं पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यशालाओं में चिकित्सकों को मिलेगा आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण
तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न व्यावहारिक कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें चिकित्सकों को आधुनिक एनेस्थीसिया तकनीकों और उपचार प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सम्मेलन में देश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों से विशेषज्ञ चिकित्सक, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, शिक्षाविद् और युवा चिकित्सक भाग लेंगे।
वैज्ञानिक चर्चाओं, पैनल डिस्कशन, वाद-विवाद और शोध प्रस्तुतियों के माध्यम से विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। युवा चिकित्सकों के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि उन्हें नई चिकित्सा तकनीकों और शोध कार्यों से जुड़ने का अवसर मिल सके।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य एनेस्थीसिया चिकित्सा में नवीनतम वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना, चिकित्सकों के व्यावहारिक कौशल को विकसित करना और मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासों को मजबूत करना है। सम्मेलन से उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा, अकादमिक सहयोग और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।