सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को मोदी सरकार की प्राथमिकता : अठावले

बोले- एससी, ओबीसी, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध; जनधन, मुद्रा, आयुष्मान, आवास और उज्ज्वला योजनाओं से करोड़ों लोगों को मिला लाभ

देहरादून, 7 अगस्त। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और जनकल्याण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सरकार ने अनेक योजनाएं संचालित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कई महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व निर्णय लिए गए हैं।

शुक्रवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री अठावले ने बीजापुर गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जनधन, मुद्रा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है।

उत्तराखंड में 40.91 लाख जनधन खाते

अठावले ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देशभर में 58.30 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इनमें उत्तराखंड के 40.91 लाख खाते शामिल हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देशभर में 58.31 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि उत्तराखंड में 36.87 लाख लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से देशभर में 12.17 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने भी आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नशामुक्ति और उद्यमिता पर भी जोर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नशामुक्ति के लिए देश में 790 केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार वृद्धाश्रमों को सहयोग देने के साथ वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने एमएसएमई और युवा उद्यमियों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

आरक्षण संविधान प्रदत्त व्यवस्था

सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि आरक्षण संविधान प्रदत्त व्यवस्था है और इसका विरोध संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की परिकल्पना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी आरक्षण का लाभ दिलाने की थी।

उन्होंने प्रस्तावित जातीय जनगणना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करने और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

महिला आरक्षण से बढ़ेगी भागीदारी

महिला सशक्तिकरण पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण की पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिसीमन की प्रक्रिया व्यापक राजनीतिक सहमति के साथ आगे बढ़ेगी।

पेपर लीक पर दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर अठावले ने कहा कि सरकार ने इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने समाज से भी ऐसे तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया।

संसद में सार्थक चर्चा की अपील

मानसून सत्र को लेकर उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में संसद के सुचारु संचालन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

धामी मेरे अच्छे मित्र, उत्तराखंड में हो रहा अच्छा काम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ अपने संबंधों का उल्लेख करते हुए अठावले ने उन्हें अपना अच्छा मित्र बताया। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं और राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है।

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