:- श्रमिक असंतोष और पथराव की घटनाओं के बाद प्रशासन सख्त, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
देहरादून, 17 मई। सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते श्रमिक असंतोष और प्रदर्शन की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कृष्ण कुमार मिश्रा ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया।
प्रशासन को मिली सूचनाओं के अनुसार सेलाकुई स्थित कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों—लाइटेनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, डिक्सन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मेडिकोस—में श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई है।
प्रशासन के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय कर दिया गया है और औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
धारा 163 के तहत जारी आदेशों में औद्योगिक क्षेत्रों में हथियार, लाठी-डंडा, तलवार या अन्य घातक वस्तु लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही ईंट-पत्थर या हिंसा में प्रयुक्त होने वाली सामग्री का संग्रह भी प्रतिबंधित किया गया है।
प्रशासन ने बिना अनुमति नारेबाजी, लाउडस्पीकर के प्रयोग, सार्वजनिक सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगाई है। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के समूह में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय माना जाएगा। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आमजन, श्रमिक संगठनों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें।