पहले 6 सितंबर को प्रस्तावित थी परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पात्र अभ्यर्थियों को मिला दोबारा आवेदन का मौका
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) सितंबर 2026 की परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी गई है। अब यह परीक्षा 12 और 13 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से परीक्षा को लेकर जरूरी जानकारी जारी की गई है।
हर अभ्यर्थी को उसकी एग्जामिनेशन सिटी और परीक्षा की तारीख की जानकारी परीक्षा से 15 दिन पहले CTET की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। वहीं, परीक्षा केंद्र से संबंधित विस्तृत जानकारी वाला एडमिट कार्ड परीक्षा से दो दिन पहले डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा। ऐसे में परीक्षा सिटी स्लिप 27 या 28 नवंबर के आसपास और एडमिट कार्ड 10 दिसंबर को जारी होने की संभावना है।
6 सितंबर को होनी थी परीक्षा, बाद में कर दी गई थी स्थगित
CTET सितंबर 2026 परीक्षा पहले 6 सितंबर को आयोजित होनी थी, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे CBSE ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CTET सितंबर 2026 के लिए आवेदन की विंडो दोबारा खोली थी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा था कि पात्र शिक्षकों को निर्धारित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की योग्यता हासिल करने के लिए उचित और पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए। इसी के तहत वे पात्र अभ्यर्थी, जो पहले CTET के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें भी दोबारा आवेदन का मौका दिया गया।
लाखों शिक्षकों के लिए अहम है TET का फैसला
शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर के हजारों प्राथमिक शिक्षकों के सामने नौकरी बचाने और आगे की सेवा को लेकर चुनौती खड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जो बिना TET पास किए लंबे समय से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।
फैसले के अनुसार ऐसे शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय तक TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों को नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या उन्हें सेवानिवृत्त किया जा सकता है।
हालांकि, जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें इस फैसले के तहत राहत दी गई है और उन्हें केवल नौकरी में बने रहने के लिए TET पास करना अनिवार्य नहीं होगा। लेकिन यदि वे पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें TET की योग्यता हासिल करनी होगी।
यूपी में करीब 1.86 लाख शिक्षकों पर असर
TET अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने पुनर्विचार याचिकाएं भी दायर की हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर इसका असर पड़ने की बात सामने आई है। इनमें ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं, जो लंबे समय से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन TET की योग्यता पूरी नहीं करते।
अब इन शिक्षकों के लिए दिसंबर में होने वाली CTET परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।