*संवैधानिक निर्णयों में मातृ शक्ति भागेदारी को सुनिश्चित करेगा अधिनियम : डा. सुरेखा डंगवाल*
*संस्थाओं और जनसहभागिता से कानून को घर पहुंचाएगी भाजपा: दीप्ति रावत*
*अधिनियम महिला अधिकार और आत्मनिर्भरता में मजबूत कदम ; रुचि भट्ट*
ओम प्रकाश जोशी, देहरादून 15 अप्रैल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन एवं व्यापक जन-जागरूकता हेतु भव्य टाउन सम्मेलन संपन्न हुआ। जिसमें मुख्यमंत्री धामी ने कहा, नारी शक्ति वंदन कानून, महिला सशक्तिकरण के लिए युग परिवर्तनकारी साबित होगा।
देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में इस भव्य टाउनहॉल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन महिला आयोग और अनेकों सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया गया। जनसहभागिता की दृष्टि से भाजपा महिला मोर्चा ने सहयोग इसमें सहयोग किया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्राओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने शिरकत कर सभी मातृ शक्ति को कानून के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदम है, जो उन्हें पंचायत से लेकर संसद तक निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष श्रीमती गीता खन्ना, कांत विधानसभा की विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए और इस अधिनियम का पूर्ण समर्थन किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती सुरेखा डंगवाल ने अपने विस्तृत संबोधन में संसद एवं विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की वर्तमान भागीदारी के आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज भी लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है, जो लगभग 14-15 प्रतिशत के आसपास रही है। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर 33% आरक्षण के कारण महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि अवसर मिलने पर महिलाएं उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, प्रशासन, सेना, खेल एवं उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में उनकी संख्या बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरा करेगा।
विशेष रूप से पद्मश्री सम्मानित लोकगायिका श्रीमती माधुरी बर्थवाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत ने महिला मोर्चा की ओर से इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।उन्होंने महिला मोर्चा की सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस जन-जागरूकता अभियान को प्रत्येक गांव, वार्ड और शहर तक पहुंचाएं।
प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने कहा कि “सशक्त नारी ही सशक्त भारत की आधारशिला है”। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। रुचि भट्ट ने जानकारी दी कि प्रदेशभर में ऐसे कुल 15 टाउनहॉल सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से महिलाओं को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में महिला मोर्चा की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और यह विश्वास जताया गया कि यह अभियान प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत जनआंदोलन का रूप लेगा।