:- सलान गांव से निर्मल बाग तक 10 से अधिक बहुमंजिला भवन सील, बिना नक्शा पास निर्माण पर सख्ती
देहरादून, 30 अप्रैल 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। सलान गांव से लेकर निर्मल बाग तक 10 से अधिक बहुमंजिला निर्माणों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।
सलान गांव से अभियान की शुरुआत
अभियान की शुरुआत सलान गांव भगवंतपुर से हुई, जहां बिना अनुमति बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने साफ किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है।
निर्मल बाग में बड़े पैमाने पर कार्रवाई
इसके बाद टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी, लेन नंबर-10 में अभियान चलाया, जहां एक ही क्षेत्र में कई अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे। यहां अजय चौहान, रवि गुप्ता, विजय रावत, प्रवीन रमन समेत कई लोगों के निर्माणाधीन बहुमंजिला भवनों को सील किया गया।
साथ ही सगुन शर्मा, विजय नायर, अमन नायर, विवेक नायर और अजय नायर के निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। जांच में सभी निर्माणों में मानचित्र स्वीकृति और निर्माण मानकों का उल्लंघन पाया गया।
पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
पूरी कार्रवाई एमडीडीए की प्रवर्तन टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। अभियान में सहायक अभियंता, अवर अभियंता और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिससे कार्रवाई बिना किसी बाधा के संपन्न हुई।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर एमडीडीए
प्राधिकरण ने साफ संकेत दिया है कि अब अवैध निर्माणों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जा रही है। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अनियोजित निर्माण न केवल शहर की सूरत बिगाड़ते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा बनते हैं।
अभियान रहेगा जारी
एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जहां भी अवैध निर्माण की शिकायत मिलेगी, वहां तत्काल निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें।
अधिकारियों के बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।