चमोली में मायापुर टनल हादसा: 22 श्रमिकों के फंसने की सूचना, 19 को निकाला, 7 की मौत, रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी

घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती; मुख्यमंत्री धामी ने आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर संभाली राहत-बचाव की कमान

देहरादून/चमोली, 14 अगस्त। चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) क्षेत्र में गुरुवार देर शाम टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार टनल में कार्य कर रहे करीब 22 श्रमिक फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

ताजा जानकारी के अनुसार 19 श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है, इनमें 7 की मौत की सूचना है। जबकि शेष 03 श्रमिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू किए गए श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। घायलों को गोपेश्वर सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने देर रात आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर संभाली कमान

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पल-पल की जानकारी लेते हुए राहत एवं बचाव अभियान को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है तथा उपचार और पुनर्वास की हरसंभव व्यवस्था की जाएगी।

घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी की बात

टनल हादसे में प्रभावित श्रमिकों को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को रेस्क्यू अभियान और श्रमिकों की स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित श्रमिकों के उपचार, भोजन, आवास और अन्य आवश्यक जरूरतों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें जुटीं

घटनास्थल पर जिला प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीआईआरएफ और सीआईएसएफ की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। आवश्यक मशीनरी और अन्य संसाधन मौके पर उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार टनल का निर्माण एचसीसी कंपनी द्वारा कराया जा रहा था। हादसे में प्रभावित श्रमिकों में झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जब तक सभी प्रभावित श्रमिकों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, राहत एवं बचाव अभियान पूरी ताकत और समन्वय के साथ जारी रहेगा।

*टीएचडीसी टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 को बाहर निकाला गया, 3 की तलाश जारी*

*घटना के बाद बचाव के लिए गए सभी 6 लोग भी सुरक्षित, अब तक 7 लोगों के दुःखद मृत्यु की सूचना*

मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।

टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, जिनमें से रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। वहीं शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए टनल के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित हैं। घटना में अभी तक 7 लोगों की मृत्यु की सूचना है।

रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घायलों के उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

राहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं। टनल के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही हैं।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।

*बेहद खराब मौसम के बीच भी पीपलकोटी पहुंचे मुख्यमंत्री धामी*

पीपलकोटी। बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी। मुख्यमंत्री टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे।

टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *