कांग्रेस नेता बोले- बढ़ती कीमतों के बीच डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क से व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका
देहरादून, 16 सितंबर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं AICC सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने महंगाई और UPI भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि आम जनता पहले से बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है और ऐसे समय में डिजिटल भुगतान से जुड़े शुल्क का प्रस्ताव छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल सकता है।
धस्माना ने अगस्त 2026 के महंगाई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि थोक महंगाई दर 9.92 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने ईंधन एवं बिजली की महंगाई 22.93 प्रतिशत तथा मिनरल ऑयल और पेट्रोलियम उत्पादों की महंगाई 38.48 प्रतिशत रहने का दावा किया। आधिकारिक तौर पर अगस्त 2026 के WPI आंकड़े वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय की ओर से जारी किए गए हैं।
उन्होंने खुदरा महंगाई के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि अगस्त में CPI आधारित महंगाई 4.82 प्रतिशत रही, जबकि खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत बताई गई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने अगस्त 2026 की CPI प्रेस विज्ञप्ति 14 सितंबर को जारी की है।
धस्माना ने कहा कि प्याज, लहसुन और अदरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का दबाव भी चिंता का विषय है।
UPI शुल्क को लेकर कांग्रेस का सवाल
धस्माना ने दावा किया कि 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी भुगतान (P2M) पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाए जाने का प्रस्ताव है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। उन्होंने कहा कि शुल्क सीधे ग्राहक पर लगाए जाने की बात नहीं कही जा रही है, लेकिन छोटे व्यापारियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च आगे चलकर उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
हालांकि, UPI के मौजूदा ढांचे में P2M यानी व्यापारी भुगतान एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और NPCI के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में UPI पर कुल 24,508.96 मिलियन लेन-देन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये रहा।
धस्माना ने कहा कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ डिजिटल भुगतान को आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए कम लागत वाला बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नोटबंदी और GST से जुड़े पुराने मुद्दों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बढ़ती कीमतों के बीच किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क आम आदमी और छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से महंगाई और UPI व्यवस्था को लेकर अलग-अलग समय पर नीतिगत कदम और भुगतान प्रणाली को प्रोत्साहित करने की योजनाएं लागू की जाती रही हैं। UPI को NPCI संचालित करता है और यह RBI विनियमित भुगतान व्यवस्था का हिस्सा है।
धस्माना ने केंद्र सरकार से महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल भुगतान व्यवस्था में छोटे व्यापारियों के हितों का ध्यान रखने की मांग की।