:- रैपिड टेस्ट से लेकर फॉगिंग तक एक्शन प्लान तैयार, आशा कार्यकत्रियों को मिलेगा अतिरिक्त इंसेंटिव
देहरादून, 17 मई। जिले में डेंगू और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने रविवार को ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर व्यापक रणनीति तैयार की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि डेंगू नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जिले के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट, एलिसा टेस्ट, पर्याप्त दवाइयां, ब्लड बैंक, बेड, चिकित्सक और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डेंगू मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में डेंगू नियंत्रण के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, रैपिड रिस्पांस टीमों को तैयार रखने और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। देहरादून और ऋषिकेश के वार्डों में आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाएगा तथा वॉलिंटियर्स की तैनाती के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जाएगा।
डीएम ने घोषणा की कि इस वर्ष भी आशा कार्यकत्रियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एनएचएम और नगर निगम की सहायता के अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से भी 1500 रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा।
स्कूलों में डेंगू जागरूकता अभियान चलाने और बच्चों के लिए फूल बाजू की ड्रेस अनिवार्य करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। वहीं नगर निगम और नगर पालिकाओं के कूड़ा संग्रहण वाहनों से डेंगू जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने नगर निगम को रिस्पना और बिंदाल नदी तटों सहित शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और ड्रेनों की सफाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। प्रत्येक वार्ड में नियमित फॉगिंग, लार्विसाइड छिड़काव और जलभराव रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
डीएम ने चेतावनी दी कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कैंपस और सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव या डेंगू लार्वा मिलने पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारी चालान काटे जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बैठक में बताया कि बंजारावाला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, क्लेमेंटाउन, राजस्थानी बस्ती और कार्गी क्षेत्र मच्छर प्रजनन के लिहाज से संवेदनशील हैं। वर्ष 2023 में जिले में डेंगू के 1201 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 37 रह गई थी। वर्ष 2025 में 785 मामले दर्ज हुए, हालांकि किसी की मृत्यु नहीं हुई। इस वर्ष अब तक पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन बाहरी राज्यों से संबंधित हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निधि रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, नगर निगम एवं नगर पालिका के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।