देहरादून के परेड ग्राउंड में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में आंदोलन, राम कुण्डवाल, सुरेश कुमार और बॉबी पंवार सहित युवाओं ने उठाई विभिन्न विभागों में भर्ती की मांग
1386 स्वीकृत पदों में 859 से अधिक पद रिक्त होने का दावा, CTI/CITS प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्राथमिकता और भर्ती की निश्चित समयसीमा घोषित करने की मांग
देहरादून, 30 अक्टूबर। उत्तराखंड में सरकारी विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर बेरोजगार युवाओं ने शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आंदोलन किया। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अनुदेशकों के 859 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों तकनीकी योग्यता प्राप्त एवं CTI/CITS प्रशिक्षित अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक भर्ती की कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
आंदोलन में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कुण्डवाल, उपाध्यक्ष सुरेश कुमार और संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार सहित अन्य प्रतिनिधियों एवं बेरोजगार युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न विभागों में लंबित भर्तियों और परीक्षा परिणामों का मुद्दा भी उठाया गया।
1386 स्वीकृत पद, 859 से अधिक रिक्त होने का दावा
आंदोलनकारियों के अनुसार, प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशकों के कुल 1386 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 859 से अधिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं। पूर्व में विज्ञापन संख्या 55/उ०30सेच०आ०/2024, दिनांक 16 फरवरी 2024 के माध्यम से 370 पदों के सापेक्ष जून 2026 में मात्र 173 पदों पर भर्ती हुई थी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में अनुदेशकों के पद रिक्त हैं। तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी युवाओं को रोजगार के अवसरों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
शासन की बैठक में उठा मुद्दा, भर्ती विज्ञापन की तिथि अब भी तय नहीं
आईटीआई अनुदेशकों के रिक्त पदों का मामला 28 अक्टूबर 2026 को शासन स्तर पर आयोजित बैठक में भी उठाया गया था। अपर सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के कार्यवृत्त के बिंदु संख्या 16 में इस विषय को शामिल किया गया।
कार्यवृत्त के अनुसार, आईटीआई अनुदेशकों की सेवा नियमावली को भारत सरकार की नवीनतम गाइडलाइंस के अनुरूप अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि, 859 रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है।
बेरोजगार युवाओं ने सरकार से मांग की कि सेवा नियमावली को जल्द अंतिम रूप देकर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए और विज्ञापन जारी करने की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।
CTI/CITS प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को मिले नियमानुसार प्राथमिकता
आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने आईटीआई अनुदेशकों के रिक्त 859 पदों पर तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी करने, CTI/CITS प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को नियमानुसार प्राथमिकता देने, सेवा नियमावली को शीघ्र अंतिम रूप देने और भर्ती प्रक्रिया के लिए निश्चित समयसीमा घोषित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी होने से तकनीकी योग्यता प्राप्त युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है।
पुलिस, फॉरेस्ट गार्ड, शिक्षक समेत अन्य भर्तियों का मुद्दा भी उठा
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में हुए आंदोलन में आईटीआई अनुदेशकों की भर्ती के अतिरिक्त बेरोजगार युवाओं की 16 अन्य मांगें भी उठाई गईं।
इनमें पुलिस, फॉरेस्ट गार्ड, जेई/एई, दरोगा, पटवारी, एलटी, प्रवक्ता, प्राथमिक शिक्षक, लाइब्रेरियन और पॉलिटेक्निक लेक्चरर सहित विभिन्न पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी करने तथा लंबित परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग शामिल रही।
युवाओं ने सरकार से विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को गति देने की मांग की।
भर्ती में देरी से बढ़ रही अभ्यर्थियों की उम्र और प्रतिस्पर्धा : आईटीआई अनुदेशक संघ
उत्तराखंड आईटीआई अनुदेशक संघ ने भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई है। संघ का कहना है कि आईटीआई अनुदेशकों के 859 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने से प्रदेश के हजारों तकनीकी शिक्षित युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
संघ के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी के कारण अभ्यर्थियों की आयु सीमा प्रभावित हो रही है और प्रतियोगिता भी लगातार बढ़ रही है। इससे लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
संघ ने उत्तराखंड सरकार से मांग की कि प्रदेश के तकनीकी शिक्षित युवाओं के भविष्य और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अनुदेशकों के 859 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए। साथ ही CTI/CITS प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को नियमानुसार प्राथमिकता प्रदान की जाए।