:- गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत स्वच्छता कार्यक्रम में लिया हिस्सा
नानकमत्ता, 5 अक्टूबर। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को नानकमत्ता पहुंचे। उन्होंने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गुरुद्वारा परिसर में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में शामिल होकर स्वयं श्रमदान किया और साफ-सफाई की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को केवल किसी अभियान या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के साथ बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के जरिए स्वच्छता के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी समेत गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।