अंकिता भंडारी प्रकरण में उठे सवालों के स्पष्ट जवाब जरूरी: गोगी

:- कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने चौथी बरसी पर दी श्रद्धांजलि, वीवीआईपी एंगल की जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग

देहरादून। अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि घटना के चार वर्ष बाद भी मामले से जुड़े कुछ सवालों को लेकर अंकिता के परिवार और प्रदेश की जनता में जिज्ञासा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन सवालों के तथ्यात्मक और स्पष्ट जवाब सामने आना जरूरी है।

महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी

डॉ. गोगी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक परिवार से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मामले में सामने आए कथित वीवीआईपी एंगल की जांच की वास्तविक स्थिति प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि इस संबंध में कोई जांच चल रही है तो उसकी प्रगति और अब तक सामने आए तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अंकिता द्वारा कथित तौर पर किसी वीवीआईपी को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ दिए जाने से जुड़े दावों के बाद से यह सवाल लगातार उठता रहा है कि इन दावों की वास्तविकता क्या है और जांच में इस संबंध में क्या तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने घटना के बाद रिजॉर्ट को ध्वस्त किए जाने को लेकर उठे सवालों का भी तथ्यात्मक जवाब दिए जाने की मांग की।

डॉ. गोगी ने कहा कि कांग्रेस की मांग किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराने की नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और अंकिता के परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उन्हें कानून और निर्धारित जांच प्रक्रिया के अनुरूप जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

गोगी ने कहा, “अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी। उसकी स्मृति में जलाया गया न्याय का दीप हमें यह याद दिलाता है कि न्याय की लड़ाई तब तक पूरी नहीं होती, जब तक पीड़ित परिवार को न्याय और उठे हुए सवालों के स्पष्ट उत्तर नहीं मिल जाते। कांग्रेस अंकिता के परिवार के साथ खड़ी है और न्याय, पारदर्शिता तथा बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।”

उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन आरोपितों को अदालत से उम्रकैद की सजा हो चुकी है। वहीं, 2026 में सामने आए कथित ऑडियो-वीडियो और वीवीआईपी एंगल को लेकर राजनीतिक एवं सार्वजनिक स्तर पर फिर सवाल उठे। इस बीच राज्य सरकार ने वीआईपी कोण की जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने की जानकारी दी थी, जबकि पुलिस की ओर से पहले मामले में किसी वीआईपी की संलिप्तता से इनकार किया गया था।

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