:- 150 करोड़ से अधिक आबादी वाले भारत की फीफा रैंकिंग 142 पर, फुटबॉल में राजनीति और भ्रष्टाचार को बताया पिछड़ने की बड़ी वजह
देहरादून, 2 जून। 23वें फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहा है। 19 जुलाई तक चलने वाले इस विश्व के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ में 48 टीमें और 104 मुकाबले खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला मैक्सिको सिटी में जबकि फाइनल न्यूयॉर्क में आयोजित होगा।
पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी, अंतरराष्ट्रीय कोच एवं राज्य आंदोलनकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने फीफा वर्ल्ड कप के अवसर पर भारतीय फुटबॉल की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि 150 करोड़ से अधिक आबादी वाले भारत का फीफा रैंकिंग में 142वें स्थान पर होना गंभीर चिंतन का विषय है।
डॉ. रावत ने कहा कि देश में खिलाड़ियों, मैदानों, संसाधनों और सुविधाओं की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद भारत अब तक विश्व कप के लिए एक मजबूत टीम तैयार नहीं कर पाया। उनका मानना है कि भारतीय फुटबॉल वर्षों से राजनीति, गुटबाजी और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक फीफा वर्ल्ड कप में 32 टीमें हिस्सा लेती थीं, जबकि 2026 में पहली बार 48 टीमें खेलेंगी। उन्होंने वर्ष 2018 में ही कहा था कि यदि भारत जमीनी स्तर (ग्रासरूट) पर गंभीरता से कार्य करे तो विस्तारित प्रारूप के कारण विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने का अवसर मिल सकता है, लेकिन अपेक्षित प्रयास नहीं हो सके।
डॉ. रावत ने कहा कि विश्व के कई छोटे देश, जिनकी जनसंख्या भारत की तुलना में बेहद कम है, नियमित रूप से विश्व कप में भाग ले रहे हैं। इसके विपरीत भारत अभी भी विश्व फुटबॉल के बड़े मंच से दूर है। उन्होंने खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि खेल संघों में ईमानदार और योग्य लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि देश में लागू नए खेल कानूनों और नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि फुटबॉल सहित अन्य खेलों का भी समुचित विकास हो सके। उनका मानना है कि यदि गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर फुटबॉल की मजबूत नर्सरी तैयार की जाए तथा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर दिए जाएं, तो भारत वर्ष 2034 तक फीफा वर्ल्ड कप में जगह बनाने का सपना साकार कर सकता है।
डॉ. रावत ने कहा कि इस बार के विश्व कप में लियोनेल मेसी, किलियन एम्बाप्पे, एरलिंग हालैंड, नेमार, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जूड बेलिंघम और विनीसियस जूनियर जैसे सितारा खिलाड़ियों पर दुनिया की नजरें रहेंगी।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 की पुरस्कार राशि भी आकर्षण का केंद्र होगी। विजेता टीम को लगभग 430 करोड़ रुपये, उपविजेता को 284 करोड़ रुपये, तीसरे स्थान की टीम को 249 करोड़ रुपये तथा क्वार्टर फाइनल और प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को भी करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।