:- डीएम ने भूमि विवादों के लिए हाई-लेवल सेल बनाने के दिए निर्देश, 132 मामलों की सुनवाई; दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी पर जोर
देहरादून, 1 जून। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए देहरादून में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाला जनता दरबार अब ‘समाधान दिवस’ के रूप में संचालित किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि सभी शिकायतों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाए, ताकि उनकी नियमित मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित पहले समाधान दिवस में 132 लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, ऋण माफी, आर्थिक सहायता, पैदल पुलिया, सड़क और सार्वजनिक रास्तों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
भूमि विवादों की अधिकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर उच्च स्तरीय विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। यह सेल सीमांकन, कब्जा, अतिक्रमण, किरायेदारी विवाद, ऋण भुगतान और अन्य राजस्व मामलों का फास्ट ट्रैक मोड में निस्तारण करेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सड़क संपर्क से वंचित दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं का डेटा तैयार कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय रहते सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराने तथा अस्पतालों में टोकन व्यवस्था लागू करने को भी कहा गया।
समाधान दिवस में पहुंचे 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम की शिकायत पर डीएम ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं निजी संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर एसडीएम सदर को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
कुंजा ग्रांट में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण, ओलावृष्टि से फसल नुकसान, आर्थिक सहायता, स्कूल फीस न जमा होने से प्रमाणपत्र रोके जाने तथा जनजातीय क्षेत्रों में ‘खुशियों की सवारी’ एंबुलेंस सेवा शुरू करने जैसी शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।