घर बैठे होगा लाइफ सर्टिफिकेट सत्यापन, पेंशनरों को बड़ी राहत

:- मुख्यमंत्री धामी की डिजिटल पहल से आसान हुई प्रक्रिया, देहरादून में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में दिया जा रहा प्रशिक्षण

:- जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश दिए

देहरादून, 28 मई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पूरी तरह आसान और सुविधाजनक हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से बुजुर्ग पेंशनर अब घर बैठे ही अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा और सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।

प्रदेश में वर्तमान में करीब 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इनके सत्यापन को सरल बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर ऑनलाइन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कर सकते हैं।

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में लगातार डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपडेटेशन के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने कार्यभार संभालते ही कोषागार का निरीक्षण कर अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे सुविधा मिल सके।

पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर स्वयं भी अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार अपडेट होना और मोबाइल नंबर व कोषागार से लिंक होना जरूरी है। इसके अलावा आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप से पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार की ओर से 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। अधिक जानकारी के लिए treas-fdc-uk@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।

दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे।

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *