:- बेटे का स्कूल में दाखिला, बेटी की पढ़ाई फिर शुरू, 50 हजार की आर्थिक मदद से मिली राहत
देहरादून, 22 मई। गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रही डोईवाला निवासी विधवा महिला सुनीता कलवार के परिवार को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। कैंसर पीड़ित सुनीता की मदद के लिए प्रशासन ने न केवल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, बल्कि उनके दोनों बच्चों की शिक्षा भी दोबारा पटरी पर ला दी।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद परिवारों के लिए संवेदनशील पहल लगातार जारी है। इसी क्रम में सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बीमारी, आर्थिक संकट और बच्चों की पढ़ाई रुकने की समस्या साझा की थी। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी और कैंसर के इलाज के कारण स्थिति और भी कठिन हो गई थी।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने रायफल क्लब फंड से सुनीता को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की। साथ ही उनके बेटे का स्कूल में दाखिला कराया गया, जबकि बेटी की बाधित शिक्षा को प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से दोबारा शुरू कराया गया।
जानकारी के अनुसार, सुनीता का कैंसर ऑपरेशन 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट अस्पताल में हुआ था और वर्तमान में उनका इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से उपचार, शिक्षा और पारिवारिक सहयोग के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने पिछले वर्षों में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता, चिकित्सा सहयोग, ऋण राहत तथा बिजली-पानी के बकाया मामलों में राहत उपलब्ध कराई है। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के जरिए सैकड़ों जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
प्रशासन की यह पहल मानवीय संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बन रही है।
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हाइलाइट्स:-
रायफल क्लब फंड से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
बेटी की पढ़ाई ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ से दोबारा शुरू
कैंसर पीड़ित विधवा को उपचार और बच्चों की शिक्षा में मिला सहारा
जिला प्रशासन ने दाखिले से लेकर सहयोग तक की जिम्मेदारी निभाई